चंदौली। चन्दौली जिले के नौगढ़ बाजार स्थित दुर्गा माता मंदिर प्रांगण में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के दूसरे दिन कथा वाचिका राघव प्रिया ने भगवान श्रीराम की महिमा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति और आस्था का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मनुष्य का जन्म भगवान का नाम लेने और उनकी भक्ति करने के लिए मिला है। पशु-पक्षियों को भगवान के नाम का स्मरण करने का विवेक प्राप्त नहीं है, लेकिन मनुष्य को यह अनमोल अवसर मिला है। इसलिए उसे अपने जीवन में भगवान का स्मरण अवश्य करना चाहिए।
कथा के दौरान राघव प्रिया ने भगवान शिव और माता सती के चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान शिव के आराध्य स्वयं भगवान श्रीराम हैं। जब माता सती को इस बात का पता चला तो उन्हें आश्चर्य हुआ और भगवान श्रीराम की दिव्यता पर विश्वास नहीं हुआ। अपनी शंका दूर करने के लिए माता सती ने भगवान श्रीराम की परीक्षा लेने का निर्णय लिया।
माता सती द्वारा भगवान श्रीराम की परीक्षा लेने की घटना के बाद भगवान शिव ने उनके इस आचरण को स्वीकार नहीं किया और माता सती का त्याग कर दिया। इस प्रसंग के माध्यम से कथा वाचिका ने श्रद्धालुओं को समझाया कि भगवान की महिमा को समझने के लिए सच्ची श्रद्धा और विश्वास आवश्यक है। बिना पूर्ण जानकारी के किसी की परीक्षा लेना और संदेह करना उचित नहीं है।

कथा के दौरान भगवान श्रीराम के प्रति भक्ति, श्रद्धा और विश्वास का संदेश सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। नौ दिवसीय श्रीराम कथा के आयोजन से नौगढ़ बाजार का वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।










