वाराणसी। भारतीय औद्योगिक व्यापार संगठन द्वारा टकटकपुर स्थित सोनकर धर्मशाला में रेहड़ी, पटरी एवं ठेला व्यवसायियों के उत्पीड़न के मुद्दे को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजेंद्र कुमार सोनकर ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि देश की आर्थिक प्रगति में व्यापारी वर्ग का हमेशा से महत्वपूर्ण योगदान रहा है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें लगातार प्रशासनिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि जनपद वाराणसी में लगभग 40 हजार से अधिक स्ट्रीट वेंडरों के लिए प्रशासन द्वारा 21 वेंडिंग जोन चिन्हित किए गए हैं, लेकिन पुलिस की कार्रवाई और उत्पीड़न के कारण व्यापारी अपने निर्धारित स्थानों पर भी व्यवसाय नहीं कर पा रहे हैं। इससे ठेला, खुमचा एवं पटरी व्यवसायियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

विजेंद्र सोनकर ने यह भी कहा कि संगठन द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के कई वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों से मुलाकात कर समस्याओं के समाधान हेतु ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही प्राप्त हुआ है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो सभी पटरी व्यवसायी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
बैठक में मुख्य रूप से प्यारे लाल सोनकर, राजकुमार सोनकर, संतोष सोनकर, आशीष ओझा, अजय पटेल, नीरज सोनकर, मेहनाज, जियालाल सोनकर, रामबचन यादव, अमन त्रिपाठी (एडवोकेट), राजू सोनकर, अखिलेश सोनकर, सुभाष सोनकर, जितेंद्र सोनकर, डॉ. बाबूलाल सोनकर, मिश्री सोनकर, विक्रम सहित बड़ी संख्या में व्यवसायी उपस्थित रहे।










