वाराणसी, 15 जुलाई। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के तत्वावधान में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), वाराणसी की छमाही बैठक बुधवार को बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में नराकास के अध्यक्ष एवं बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में नगर के 60 से अधिक केंद्रीय कार्यालयों के प्रमुखों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लेते हुए राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचार तथा तकनीक आधारित उपयोग को बढ़ावा देने पर व्यापक मंथन किया।
बैठक का शुभारंभ महाप्रबंधक आशुतोष पंत के स्वागत एवं स्मृति-चिह्न स्वरूप पुस्तक भेंट के साथ हुआ। मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं नराकास के उपाध्यक्ष रामजन्म चौबे ने स्वागत भाषण में सदस्य कार्यालयों का अभिनंदन करते हुए राजभाषा हिंदी के सरल, व्यवहारिक एवं जनोन्मुखी प्रयोग पर बल दिया। कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन नराकास के सदस्य सचिव एवं वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी यथार्थ पाण्डेय ने किया।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने कहा कि राजभाषा हिंदी केवल कार्यालयी भाषा नहीं, बल्कि प्रशासन और जनसंपर्क के बीच सशक्त सेतु है। उन्होंने सभी सदस्य कार्यालयों से हिंदी के प्रयोग को अधिक सरल, प्रभावी और तकनीक-सम्मत बनाने का आह्वान किया। भारतेंदु हरिश्चंद्र का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि “निज भाषा उन्नति अहै” का संदेश आज भी प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरणादायी है।
इस अवसर पर नराकास, वाराणसी की राजभाषा पत्रिका ‘बनारस दर्पण’ तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-बीएचयू) की राजभाषा पत्रिका ‘अभ्युदय’ का लोकार्पण भी किया गया।

बैठक में पिछली कार्यवृत्त की पुष्टि, लिए गए निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा तथा सदस्य कार्यालयों द्वारा प्रस्तुत राजभाषा प्रगति रिपोर्ट एवं आंकड़ों की विस्तृत समीक्षा की गई। विभिन्न कार्यालयों के प्रतिनिधियों ने हिंदी के प्रचार-प्रसार, डिजिटल माध्यमों में उसके उपयोग तथा नवाचारों से जुड़े अनुभव साझा किए।
मंडल रेल प्रबंधक, पूर्वोत्तर रेलवे आशीष जैन ने कहा कि किसी भी संगठन की सफलता जनता से उसके प्रभावी जुड़ाव में निहित है और हिंदी इस जुड़ाव का सबसे सशक्त माध्यम है। वहीं गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग के सहायक निदेशक (कार्यान्वयन) अजय कुमार चौधरी ने राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल माध्यमों में हिंदी के बढ़ते उपयोग तथा सदस्य कार्यालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में बरेका के उप महाप्रबंधक सागर, प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य सुभाष चंद्र यादव सहित विभिन्न केंद्रीय कार्यालयों के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अंत में सदस्य सचिव एवं वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी यथार्थ पाण्डेय ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि बैठक में हुए सार्थक विचार-विमर्श से सदस्य कार्यालयों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को नई गति, नई ऊर्जा और नई दिशा मिलेगी।










