वाराणसी, 02 मई। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) इंटर कॉलेज में 30 अप्रैल से 01 मई तक आयोजित दो दिवसीय ‘चौपाल’ शैक्षणिक कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विषयों पर गंभीरता से विचार-विमर्श करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ बरेका के जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि संवाद और वाद-विवाद की संस्कृति लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती है। ऐसे आयोजनों से छात्रों में नेतृत्व क्षमता, तार्किक सोच और समसामयिक विषयों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है।
दो दिनों तक चले इस कार्यक्रम में छह समितियों के माध्यम से विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। राष्ट्रीय स्तर पर लोकसभा में सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण, एआईपीपीएम में न्यायपालिका बनाम गठबंधन प्रणाली तथा विधानसभा में शिक्षक नीतियों और शैक्षिक सुधारों पर बहस हुई। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त राष्ट्र महासभा में अंतरिक्ष के सैन्यीकरण की रोकथाम, मानवाधिकार परिषद में संघर्ष क्षेत्रों में मानवाधिकार और पत्रकारों की सुरक्षा तथा इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ वूमेन में ‘शांति वार्ता’ जैसे मुद्दों पर मंथन किया गया।

कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक अपने विचार रखे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को राजेश कुमार ने मेडल, प्रमाण-पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में संगठन के संस्थापक कुश किशोर के साथ मयंक सिंघल, रज़ा रवि और अनिमेष शुक्ला की उपस्थिति रही। बरेका इंटर कॉलेज के प्राचार्य ए.के. महेश्वरी भी इस अवसर पर मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अपूर्वा आचार्य एवं उनकी टीम ने किया, जबकि निर्देशन तेजस धर दुबे द्वारा किया गया।
इस आयोजन का उद्देश्य छात्रों में वाद-विवाद की संस्कृति को बढ़ावा देना और उन्हें समसामयिक व नीतिगत विषयों के प्रति जागरूक बनाना था।









