मीरजापुर। पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य शिवमंगल बियार को लेकर सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। प्रकरण से संबंधित एफआईआर की प्रति सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उसमें किए गए कथित आपत्तिजनक कमेंट को लेकर पुलिस की कार्रवाई चर्चा में है।
सामने आए एफआईआर के दस्तावेज में जमालपुर थाना क्षेत्र से जुड़े घटनाक्रम का उल्लेख है। शिकायत के अनुसार, फेसबुक पर एक वीडियो प्रसारित किया गया, जिसमें शिवमंगल बियार को लेकर आरोप लगाए गए थे। वीडियो और कमेंट के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की जानकारी मिलने के बाद शिकायतकर्ता ने मामले को पुलिस के संज्ञान में लाया।
शिकायतकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से एक सम्मानित व्यक्ति की छवि को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। एफआईआर में दो व्यक्तियों के नाम और उनके पते का भी उल्लेख दिखाई दे रहा है। पुलिस द्वारा मामले की जांच किए जाने की बात सामने आई है।
हालांकि, सामने आया दस्तावेज एफआईआर का एक पृष्ठ मात्र है और उसमें दर्ज आरोप शिकायतकर्ता के कथन पर आधारित हैं। आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण पुलिस की विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। इसलिए फिलहाल किसी भी पक्ष को दोषी मानना उचित नहीं होगा।

अब पुलिस की जांच में वायरल वीडियो, फेसबुक पर किए गए कमेंट, उनकी वास्तविकता और मामले से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
फिलहाल एफआईआर से संबंधित दस्तावेज सामने आने के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में है। पुलिस की जांच और आधिकारिक निष्कर्ष पर सभी की नजर बनी हुई है।










