वाराणसी, 13 जुलाई। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को आधुनिक, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में सोमवार को महत्वपूर्ण पहल की गई। विश्वविद्यालय परिसर स्थित 63 वर्ष पुराने पं. शिव कुमार शास्त्री छात्रावास के व्यापक जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण कार्य का शुभारम्भ कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधिवत पूजन-अर्चन के साथ किया। इस अवसर पर उन्होंने आम का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित परिसर का संदेश भी दिया।
शुभारम्भ के बाद निर्माण स्थल का निरीक्षण करते हुए कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता, पूर्ण पारदर्शिता और निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा, “विद्यार्थियों की उत्कृष्ट सुविधाएँ ही मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। विश्वविद्यालय का प्रत्येक निर्णय छात्रों के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखकर लिया जा रहा है। गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता अथवा कार्य में विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन पूरे निर्माण कार्य की निरंतर निगरानी करेगा, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक, सुरक्षित और प्रेरणादायी आवासीय वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।”
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग से ₹6.7658 करोड़ की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रथम किस्त के रूप में ₹3.3829 करोड़ जारी किए गए हैं। निर्माण कार्य उत्तर प्रदेश कन्स्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सी एंड डीएस) द्वारा शासन के सभी वित्तीय, तकनीकी एवं गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए कराया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि पं. शिव कुमार शास्त्री छात्रावास विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल है। वर्ष 1963 में स्थापित इस छात्रावास में 132 आवासीय कक्ष, एक विशाल सभागार तथा कार्यालय कक्ष हैं। जीर्णोद्धार के उपरांत यह छात्रावास आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होकर विद्यार्थियों को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराएगा।
कार्यक्रम में वैदिक अनुष्ठान डॉ. सच्चिदानन्द ने सम्पन्न कराया। इस अवसर पर कुलसचिव राकेश कुमार, प्रो. जितेन्द्र कुमार, प्रो. राजनाथ, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग, प्रो. अमित कुमार शुक्ल, डॉ. विजय कुमार शर्मा, डॉ. मधुसूदन मिश्र, डॉ. विजेन्द्र आर्य, अभियंता रामविजय सिंह, कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि अनमोल त्रिपाठी सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।










