वाराणसी। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शुक्रवार को पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर जनसुनवाई, अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और लंबित विवेचनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी निर्धारित समय पर अपने कार्यालयों में उपस्थित रहकर फरियादियों की शिकायतें गंभीरता और संवेदनशीलता से सुनें तथा उनका समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें।
पुलिस आयुक्त ने आईजीआरएस, जनसुनवाई, मुख्यमंत्री संदर्भ, पीजी पोर्टल सहित विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों पर निर्धारित समयसीमा में प्रभावी कार्रवाई करने और निस्तारण के बाद शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल शिकायतों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि पीड़ितों को न्याय दिलाना और उनकी संतुष्टि सुनिश्चित करना भी है।
भूमि विवाद एवं अन्य स्थानीय मामलों में संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। संवेदनशील मामलों में समय रहते निरोधात्मक कदम उठाने तथा यक्ष एप पर दर्ज बीट सूचनाओं का नियमित विश्लेषण कर संभावित विवादों, संवेदनशील व्यक्तियों और स्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए। शांति भंग की आशंका वाले मामलों में भी प्रभावी कार्रवाई पर जोर दिया।
अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस आयुक्त ने जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत चेन स्नेचिंग, छेड़खानी, चोरी और नकबजनी जैसी घटनाओं में त्वरित विधिक कार्रवाई करने को कहा। आदतन एवं सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने और उनके विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

शहर में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी बढ़ाने के लिए प्रत्येक थाने से रात्रि में उपलब्ध पुलिस बल का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से गश्त पर लगाने को कहा। शाम के समय प्रमुख सड़कों, सार्वजनिक स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की पर्याप्त मौजूदगी सुनिश्चित करने तथा संदिग्ध व्यक्तियों एवं गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए।
यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रमुख चौराहों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और व्यस्त मार्गों पर यातायात पुलिस एवं थाना पुलिस के बीच बेहतर समन्वय बनाने को कहा। जाम की समस्या दूर करने और यातायात बाधित करने वाले अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध संबंधित विभागों के सहयोग से प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
लंबित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए पुलिस आयुक्त ने 60 एवं 90 दिनों की निर्धारित समयसीमा में उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने विवेचनाओं में अनावश्यक देरी से बचने, समय से साक्ष्य जुटाने और सभी विधिक औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही विवेचकों के कार्यों की नियमित निगरानी कर लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाने को कहा।










