वाराणसी। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत मेरा युवा भारत वाराणसी तथा गृह मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 17वें सात दिवसीय जनजातीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के चौथे दिन विविध विषयों पर ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी सत्रों का सफल आयोजन किया गया। पूरे दिन चले कार्यक्रम में युवाओं को आपदा प्रबंधन, वैज्ञानिक अनुसंधान, सामुदायिक सहभागिता तथा राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) बटालियन, वाराणसी की टीम ने प्रतिभागियों को विभिन्न प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं से बचाव के व्यावहारिक उपायों की विस्तृत जानकारी दी। सब-इंस्पेक्टर श्री राकेश कुमार एवं उनकी टीम ने आपदा के समय सतर्कता, प्राथमिक उपचार, खोज एवं बचाव कार्यों तथा त्वरित प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। प्रतिभागियों को आपदा के दौरान स्वयं एवं समुदाय की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियों से भी अवगत कराया गया।
द्वितीय सत्र में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर श्री ज्ञानेश्वर चौबे एवं वैज्ञानिक डॉ. प्रज्ञा वर्मा ने डीएनए एवं जंतु विज्ञान से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान दिया। उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास, अनुसंधान के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं तथा जैव विविधता संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने युवाओं को विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

तृतीय सत्र में सिविल डिफेंस के श्री दिलीप पांडेय एवं कुमार नारायण ने आपदा प्रबंधन में सामुदायिक सहभागिता और स्वयंसेवकों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में प्रशिक्षित स्वयंसेवक राहत एवं बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण कड़ी साबित होते हैं।
दिन के अंतिम सत्र में “देशभक्ति एवं राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका” विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक अपने विचार व्यक्त किए। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में अरविंद विश्वकर्मा, राकेश वर्धन एवं श्री मनोज विश्वकर्मा उपस्थित रहे।
इस अवसर पर वाराणसी के जिला युवा अधिकारी यतेन्द्र सिंह, भदोही के जिला युवा अधिकारी श्री रामगोपाल चौहान, ललितपुर के लेखा एवं कार्यक्रम सहायक श्री विकास चौरसिया, भूतपूर्व स्वयंसेवक श्री नन्दकिशोर, पूर्व स्वयंसेवक श्री राकेश यादव सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का चौथा दिन ज्ञान, जागरूकता एवं राष्ट्रसेवा की भावना से परिपूर्ण रहा। इस आयोजन ने युवाओं में सामाजिक उत्तरदायित्व, नेतृत्व क्षमता तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता के संकल्प को और अधिक सुदृढ़ किया।









