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काशी में सजी दक्षिण और उत्तर भारतीय संस्कृति की अनूठी छटा 

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वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के महामना सभागार में बुधवार को मोक्ष सदन एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में काशी-गंगा-गोदावरी सांस्कृतिक समागम-2026 का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर और दक्षिण भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, आध्यात्मिक चेतना और शास्त्रीय नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियों ने भारतीय संस्कृति की विविधता और एकता को साकार किया।

संस्था की अध्यक्ष वी. उषा रानी ने कहा कि समागम का उद्देश्य काशी, गंगा और गोदावरी से जुड़ी सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित करने के साथ भारतीय शास्त्रीय नृत्य एवं आध्यात्मिक परंपराओं को व्यापक मंच प्रदान करना है।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि काशीराज फाउंडेशन की अध्यक्ष महाराजकुमारी कृष्णप्रिया, विशिष्ट अतिथियों श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य अर्चक पं. श्रीकान्त मिश्र, वाराणसी विकास प्राधिकरण के मानद सदस्य अंबरीश सिंह भोला, उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ के महामंत्री शैलेश वर्मा तथा श्री जगन्नाथ मंदिर न्यास के सचिव शैलेश त्रिपाठी ने महामना मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। इसके बाद अतिथियों को कार्यक्रम संयोजक ओंकारनाथ बापुली, गरिमल रामकृष्णा और संस्था की अध्यक्ष वी. उषा रानी ने स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।

आंध्र प्रदेश से आए कलाकारों ने वी. ललिता नायडू और टी. कल्याणी के संयोजन में कुचिपुड़ी एवं भरतनाट्यम की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। गणेश पंचरत्नम, त्यागराज कीर्तनम, माहेश्वरी महाकाली, दुर्गे दुर्गे, श्री विघ्नराज भजे, शारदे श्यामला, अंबा परमेश्वरी और ओ शंभो जैसी रचनाओं पर कलाकारों ने अपनी कला और भावाभिव्यक्ति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गरिमल सत्यवती, के. सिंधु भैरवी, भाव्यश्री, लास्यश्री और गरिमल ललिता शंकरी ने दक्षिण भारतीय शैली में भजनों की प्रस्तुति से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए वाराणसी के आर्य महिला नागरमल मुरारका मॉडल स्कूल की छात्राओं अदरिका मित्रा, राधिका रस्तोगी, रोशनी यादव, नव्या, उन्नति सेठ, अक्षिता खन्ना और नव्या पांडेय ने श्वेता शर्मा एवं उपासना पांडेय के संयोजन में शिव स्तुति प्रस्तुत की। वहीं, नृत्य योग कला अकादमी की सलोनी गुप्ता के निर्देशन में आरुषी गुप्ता, आरोही गुप्ता, आद्या अग्रवाल, आन्या अग्रवाल और अनंदिता गुप्ता ने समूह नृत्य के माध्यम से श्रीकृष्ण वंदना प्रस्तुत कर खूब सराहना बटोरी। समागम में भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी और कथक जैसी शास्त्रीय नृत्य शैलियों की विविध प्रस्तुतियों ने भारतीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत के अनेक रंग बिखेरे।

कार्यक्रम में जगतगंज राजपरिवार के सदस्य प्रदीप नारायण सिंह, सीआरपीएफ कमांडेंट आर.एस. बालापुरकर, चिंतामणि गणेश मंदिर के महंत चेल्ला सुब्बा राव, समाजसेवी शिवशंकर अग्रहरि, बीएचयू की समन्विका सुतपा दास, निर्मला गौरी आश्रम के महंत निर्मला रामनाथ शर्मा, समाजसेवी श्रीनाथ अग्रवाल, कांची मठ के प्रबंधक वी.एस. सुब्रह्मण्यम मणि, गौरी केदारेश्वर मंदिर के मुख्य अर्चक धुल्लीपल्ला नारायण शास्त्री, विकास शुक्ला और टी. तेजश्वर सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। संचालन चक्रवर्ती विजय नावड ने किया।

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