वाराणसी। महाराजा (डॉ॰) विभूति नारायण सिंह गंगापुर परिसर, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन रविवार, 15 मार्च 2026 को संपन्न हुआ। सात दिनों तक चले इस शिविर में स्वयंसेवकों ने विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं जागरूकता कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रबंध अध्ययन संस्थान के प्रो. अनुराग सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्यों को विस्तार से बताते हुए स्वयंसेवकों को समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एनएसएस युवाओं के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदार बनाने का सशक्त माध्यम है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. रिंकी सिंह (राजनीति विज्ञान विभाग) ने अपने संबोधन में कहा कि सात दिनों तक चले इस शिविर के दौरान स्वयंसेवकों के रहन-सहन, आपसी सहयोग और मित्रता की भावना ने एक सकारात्मक वातावरण का निर्माण किया। उन्होंने स्वयंसेवकों के अनुशासन और सक्रिय सहभागिता की सराहना की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता परिसर प्रभारी डॉ. मनीष कुमार सिंह ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में एनएसएस के मूल्यों—अनुशासन, सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी—पर प्रकाश डालते हुए स्वयंसेवकों से इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
समारोह के दौरान स्वयंसेवकों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। गीत, कविता पाठ, नृत्य तथा अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिससे समापन समारोह और भी आकर्षक व जीवंत बन गया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. रमेश मिश्रा ने उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं स्वयंसेवकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अविनाश सिंह ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राम प्रकाश सिंह यादव, डॉ. रमेश मिश्रा, डॉ. महेश कुमार, डॉ. राजेश कुमार, सुमित घोष, डॉ. बेबी चौरसिया सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
समापन अवसर पर स्वयंसेवकों ने शिविर के अनुभव साझा करते हुए समाज सेवा के कार्यों में निरंतर सक्रिय रहने का संकल्प लिया।









