वाराणसी। भारतीय नववर्ष के स्वागत को लेकर काशी में “हर घर भगवा” जनसंपर्क अभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है। यह अभियान हिन्दू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी अम्बरीष सिंह भोला के नेतृत्व में संचालित हो रहा है, जिसके तहत कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर लोगों को भारतीय नववर्ष के सांस्कृतिक महत्व से अवगत करा रहे हैं।
अभियान के अंतर्गत कार्यकर्ता नागरिकों के बीच सनातन परंपरा की प्रतीक भगवा पताका का वितरण कर रहे हैं और उनसे अपील कर रहे हैं कि भारतीय नववर्ष के अवसर पर अपने घरों, प्रतिष्ठानों एवं मोहल्लों में भगवा ध्वज लगाकर उत्सव मनाएं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय अस्मिता, त्याग, शौर्य और आध्यात्मिक चेतना का प्रतिनिधित्व करता है।
इस अवसर पर अम्बरीष सिंह भोला ने कहा कि भारतीय नववर्ष मात्र कैलेंडर परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के नवचक्र, ऋतु परिवर्तन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ होने वाला नवसंवत्सर भारतीय परंपरा में विशेष महत्व रखता है। इसी दिन से वसंत ऋतु के आगमन के साथ नव ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार होता है।

उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य समाज को भारतीय संस्कृति की जड़ों से जोड़ना और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं के प्रति जागरूक करना है। कार्यकर्ता लोगों को भारतीय नववर्ष की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, धार्मिक मान्यताओं और सांस्कृतिक विशेषताओं की जानकारी भी दे रहे हैं।
अभियान आगामी 21 दिनों तक शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा। आयोजकों का लक्ष्य है कि काशी के प्रत्येक घर तक पहुंचकर भारतीय नववर्ष के प्रति जनजागरण किया जाए।
अम्बरीष सिंह भोला ने बताया कि 18 मार्च को भारतीय नववर्ष के स्वागत में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन प्रस्तावित है। उस दिन विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, शोभायात्रा और सामूहिक उत्सव के माध्यम से पूरे शहर को भगवा रंग में रंगने की योजना है।
उन्होंने कहा कि यह अभियान समाज को एक सूत्र में पिरोने और सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करने की दिशा में एक प्रयास है, जिसमें बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और सामाजिक कार्यकर्ता उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। काशी में इन दिनों “हर घर भगवा” अभियान को लेकर विशेष उत्साह का वातावरण देखने को मिल रहा है।









