काशी। फाल्गुन मास की पावन रंगभरी एकादशी के शुभ अवसर पर काशी की प्राचीन परंपराओं के अनुरूप धार्मिक उल्लास और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय टेढ़ी नीम स्थित महंत आवास पहुंचे और विधि-विधान से बाबा विश्वनाथ एवं माता गौरा का दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
रंगभरी एकादशी का काशी में विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। मान्यता के अनुसार विवाह के उपरांत भगवान शिव माता पार्वती को लेकर जब काशी पधारे थे, उसी आनंदोत्सव की स्मृति में यह पर्व मनाया जाता है। इस दिन बाबा का विशेष श्रृंगार किया जाता है और गुलाल-अबीर अर्पित कर भक्त रंगोत्सव की शुरुआत करते हैं। परंपरागत रूप से यह आयोजन टेढ़ी नीम स्थित महंत आवास पर संपन्न होता है, जहां से उत्सव की छटा पूरे शहर में फैल जाती है।
महंत आवास परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पूजा-अर्चना संपन्न हुई। अजय राय ने बाबा विश्वनाथ और माता गौरा से काशी की सुख-समृद्धि, शांति एवं सर्वजन कल्याण की कामना की। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ गुलाल अर्पित कर रंगभरी एकादशी की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर अजय राय ने कहा कि काशी की धार्मिक परंपराएं केवल आस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि यह शहर की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता की पहचान भी हैं। रंगभरी एकादशी काशी की जीवंत आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है, जहां भक्त और भगवान के बीच प्रेम, उल्लास और समर्पण का अद्भुत संगम दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि सदियों पुरानी इन परंपराओं का संरक्षण और संवर्धन हम सभी का दायित्व है।
पूरे क्षेत्र में “हर हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं, स्थानीय गणमान्यजनों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की उपस्थिति से महंत आवास परिसर आस्था और उत्साह से सराबोर रहा।
उक्त अवसर पर राघवेन्द्र चौबे, मनीष मोरोलिया, मनोज वर्मा, आशिष गुप्ता, विनय जायसवाल, विनीत चौबे, किशन यादव, रामजी गुप्ता सहित दर्जनों कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।









