Follow us on

Home » राज्य समाचार » उत्तर प्रदेश » वाराणसी » पुष्पों की वर्षा में झूमेगी काशी: 1 मार्च को इस्कॉन यूथ फोरम की ‘फूलों की होली’ से युवाओं को मिलेगा भक्ति का नवसंदेश

पुष्पों की वर्षा में झूमेगी काशी: 1 मार्च को इस्कॉन यूथ फोरम की ‘फूलों की होली’ से युवाओं को मिलेगा भक्ति का नवसंदेश 

Share this post:

वाराणसी। रंगों के पर्व होली को आध्यात्मिक ऊंचाइयों तक ले जाने और युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति की जड़ों से जोड़ने के उद्देश्य से इस्कॉन यूथ फोरम द्वारा 1 मार्च को “फूलों की होली एवं भजन क्लबहिंग” का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन दुर्गाकुंड स्थित इस्कॉन मंदिर परिसर में संपन्न होगा, जहां भक्ति, संगीत और पुष्पों की सुगंध से संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक उल्लास में सराबोर हो उठेगा। इस संबंध में मंदिर परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अच्युत मोहन प्रभु, रसीक गोविंद प्रभु, साक्षी मुरारी प्रभु एवं राम केशव प्रभु ने संयुक्त रूप से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक समय में होली का स्वरूप धीरे-धीरे रासायनिक रंगों, नशे और अव्यवस्थित भीड़ तक सीमित होता जा रहा है, जिससे त्योहार की पवित्रता और सांस्कृतिक गरिमा प्रभावित हो रही है। ऐसे समय में यह आयोजन युवाओं को एक सुरक्षित, सकारात्मक और सात्विक विकल्प प्रदान करेगा, जिसमें वे बिना किसी दुष्प्रभाव के होली के वास्तविक आध्यात्मिक आनंद का अनुभव कर सकेंगे। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 1100 किलोग्राम सुंदर एवं सुगंधित पुष्पों से भगवान का दिव्य अभिषेक और फूलों की होली होगी। मंदिर प्रांगण में पुष्पों की वर्षा के बीच जब हरिनाम संकीर्तन गूंजेगा, तब श्रद्धालु स्वयं को वृंदावन की होली के दिव्य अनुभव के निकट पाएंगे। इसके साथ ही 20 पवित्र द्रव्यों से भगवान का भव्य महाअभिषेक किया जाएगा, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। कार्यक्रम में ‘नमरस बैंड’ द्वारा मनमोहक कीर्तन एवं आध्यात्मिक संगीत की प्रस्तुति दी जाएगी। भजन-संकीर्तन की मधुर धुनों पर युवा वर्ग उल्लासपूर्वक सहभागिता करेगा। आयोजन के उपरांत सभी उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई है। प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने कहा कि यह आयोजन विशेष रूप से जेन-जी और युवा वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। आज की पीढ़ी आधुनिक जीवनशैली के प्रभाव में परंपराओं से दूर होती जा रही है। ऐसे में इस्कॉन यूथ फोरम का प्रयास है कि भक्ति को आधुनिक अभिव्यक्ति के साथ प्रस्तुत किया जाए, ताकि युवा वर्ग सांस्कृतिक मूल्यों को अपनाते हुए आध्यात्मिक जीवन की ओर प्रेरित हो। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि प्रेम, सौहार्द और आध्यात्मिक उल्लास का पर्व है। यदि इसे शुद्ध और सात्विक स्वरूप में मनाया जाए तो यह समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकता है। फूलों की होली उसी सकारात्मक सोच का परिणाम है। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम पूर्णतः पर्यावरण अनुकूल होगा। रासायनिक रंगों के स्थान पर प्राकृतिक पुष्पों का उपयोग किया जाएगा, जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों सुरक्षित रहेंगे। इसके अतिरिक्त सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक प्रबंध किए गए हैं, ताकि सभी प्रतिभागी सुरक्षित वातावरण में उत्सव का आनंद ले सकें। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में त्योहारों के अवसर पर बढ़ती अव्यवस्था और असामाजिक गतिविधियों को देखते हुए समाज को ऐसे आयोजनों की आवश्यकता है, जो त्योहार की मूल भावना को जीवित रखें और युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करें। आयोजकों ने यह भी बताया कि यह आयोजन काशी के सांसद एवं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसमें वे आधुनिकता और परंपरा के समन्वय पर बल देते हैं। प्रधानमंत्री का मानना है कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हुए उन्हें आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ाना चाहिए। इसी भावना के अनुरूप इस्कॉन यूथ फोरम ने भक्ति और संगीत को समकालीन प्रस्तुति के माध्यम से युवाओं तक पहुंचाने का प्रयास किया है। ‘भजन क्लबहिंग’ की संकल्पना इसी दिशा में एक अभिनव प्रयोग है, जहां आध्यात्मिक संगीत को युवा ऊर्जा के साथ जोड़ा जाएगा। वाराणसी सदियों से आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। यहां के घाट, मंदिर और आश्रम निरंतर भक्ति और साधना की परंपरा को जीवित रखे हुए हैं। इस्कॉन यूथ फोरम का यह आयोजन उसी परंपरा की एक नई कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, जो युवाओं को धार्मिक आयोजनों से जोड़ने का माध्यम बनेगा। मंदिर परिसर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। साज-सज्जा, पुष्पों की व्यवस्था, ध्वनि प्रणाली, सुरक्षा प्रबंध और स्वयंसेवकों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि बड़ी संख्या में युवा और श्रद्धालु इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए उत्साहित हैं। 1 मार्च को आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सांस्कृतिक जागरण का संदेश भी देगा। जब पुष्पों की वर्षा के बीच हरिनाम संकीर्तन गूंजेगा और सैकड़ों युवा एक साथ भक्ति में लीन होंगे, तब काशी का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठेगा। फूलों की होली के माध्यम से इस्कॉन यूथ फोरम यह संदेश देना चाहता है कि त्योहारों को मर्यादा, पवित्रता और सकारात्मकता के साथ मनाया जाए। नशामुक्त, प्रदूषणमुक्त और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया उत्सव समाज के लिए प्रेरणादायक बन सकता है। अंततः यह आयोजन वाराणसी के युवाओं के लिए एक दिव्य, अनुकरणीय और अविस्मरणीय अनुभव सिद्ध होने जा रहा है, जो उन्हें अपनी सांस्कृतिक पहचान पर गर्व करने और आध्यात्मिक जीवन की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देगा।काशी एक बार फिर पुष्पों की सुगंध, भजन की मधुर ध्वनि और भक्ति की तरंगों से आलोकित होने को तैयार है। 

लेखक के बारे में

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

मौसम अपडेट

राशिफल

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x