एम. नसीम
गणतंत्र दिवस समस्त भारतवासियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व है। जम्हूरियत की सालगिरह के रूप में मनाया जाने वाला यह दिवस इस वर्ष एक विशेष अंकीय संयोग के कारण और भी यादगार बन गया।
हम हर वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाते हैं, किंतु वर्ष 2026 में यह पर्व “26/26” के दुर्लभ संयोग के साथ आया। ईसवी कैलेंडर के अनुसार वर्ष का क्रमांक भी 26 और माह की तिथि भी 26—ऐसा संयोग अब पूरी एक सदी बाद ही पुनः देखने को मिलेगा। आगामी सदी के 26वें वर्ष में ही यह गणितीय मेल फिर संभव होगा।

26 जनवरी भारत के इतिहास में इसलिए भी स्वर्णाक्षरों में अंकित है क्योंकि 76 वर्ष पूर्व, इसी दिन भारत ने ब्रिटिश शासन के गुलामी वाले कानूनों से मुक्ति पाकर अपना संविधान लागू किया था। स्वतंत्र भारत को उसकी लोकतांत्रिक पहचान इसी दिन प्राप्त हुई।
इस ऐतिहासिक स्मृति के सम्मान में गणतंत्र दिवस को राष्ट्रीय पर्व के रूप में देशभर में हर्षोल्लास से मनाया जाता है। इस अवसर पर सरकारी एवं अर्ध-सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों और मदरसों में शान से तिरंगा फहराया गया।
देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, आकर्षक झांकियाँ निकाली गईं और लोगों ने एक-दूसरे को राष्ट्रीय पर्व की शुभकामनाएँ दीं। पूरे देश में उत्साह, गर्व और देशप्रेम का वातावरण देखने को मिला।









