वाराणसी। धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद वांछित चल रहे अभियुक्त को गुरुवार को थाना चेतगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त पर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में दाखिला दिलाने का झांसा देकर तीन छात्रों से लाखों रुपये ऐंठने का आरोप है।
पुलिस ने चेतगंज थाना क्षेत्र स्थित सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय की परिसर दीवार के पास से अभियुक्त देवेश मिश्रा (23 वर्ष) को गिरफ्तार किया। वह ओल्ड गेस्ट हाउस, संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में रह रहा था। अभियुक्त देवेश, देवेंद्र कुमार मिश्रा का पुत्र है।
यह मामला 14 जून 2025 का है, जब शिकायतकर्ता ने थाना चेतगंज में लिखित तहरीर दी थी। शिकायत के अनुसार, देवेश मिश्रा और उसके एक साथी ने तीन विद्यार्थियों (शिकायतकर्ता के भांजे व उसके दो मित्रों) को बीएचयू में दाखिला दिलाने का झांसा दिया। आरोप है कि अभियुक्तों ने नकली रसीदें और दस्तावेज दिखाकर विद्यार्थियों के खातों से अलग-अलग किस्तों में कुल 1,70,228 रुपये ट्रांसफर करा लिए। बाद में दाखिला न होने पर पैसे वापस मांगने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई।

तहरीर के आधार पर थाना चेतगंज में मु.अ.सं.-112/2025 पंजीकृत कर विवेचना शुरू की गई। जांच में आरोप पुष्ट पाए जाने पर धारा 316(2), 318(4), 338, 336(3), 352, 351(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत चार्जशीट दाखिल की गई। इसके बाद अभियुक्त की तलाश तेज की गई और गुरुवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, देवेश मिश्रा का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। वह पूर्व में थाना चौक, वाराणसी तथा साइबर क्राइम थाना, चंदौली में धोखाधड़ी/ठगी के मामलों में वांछित रहा है।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त वाराणसी के अपराध नियंत्रण संबंधी निर्देशों के क्रम में, पुलिस उपायुक्त काशी जोन के निर्देशन और अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन के पर्यवेक्षण में की गई। गिरफ्तारी दल में सहायक पुलिस आयुक्त चेतगंज, प्रभारी निरीक्षक चेतगंज के नेतृत्व में प्रधान निरीक्षक विजय कुमार शुक्ला, उप निरीक्षक संदीप कुमार सिंह तथा आरक्षी पुनीत कुमार और अश्वनी सिंह शामिल रहे।
पुलिस ने बताया कि अभियुक्त को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। मामले के अन्य पहलुओं और संभावित सहयोगियों की पहचान के लिए विवेचना जारी है।









