वाराणसी/नई दिल्ली। कीमती धातुओं के बाजार में चांदी ने नया इतिहास रच दिया है। पहली बार चांदी की कीमत ₹3 लाख प्रति किलो के स्तर को पार कर गई है। सर्राफा और कमोडिटी बाजारों में सोमवार को चांदी के दामों में तेज उछाल देखने को मिला, जहां एक ही दिन में इसके भाव लगभग ₹14 हजार प्रति किलो बढ़ गए।
बाजार आंकड़ों के अनुसार, महज एक महीने पहले चांदी ₹2 लाख प्रति किलो के आसपास कारोबार कर रही थी, जो अब बढ़कर ₹3 लाख के पार पहुंच गई है। इस दौरान चांदी में रिकॉर्ड तेजी ने निवेशकों और कारोबारियों दोनों को चौंका दिया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर में कमजोरी, अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती और औद्योगिक मांग में इजाफा चांदी की कीमतों में उछाल की प्रमुख वजहें हैं। इसके साथ ही सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में भी निवेशकों का रुझान चांदी की ओर तेजी से बढ़ा है।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि मौजूदा रुझान बना रहता है, तो वर्ष 2026 में चांदी के दाम ₹4 लाख प्रति किलो तक पहुंच सकते हैं। हालांकि विशेषज्ञ निवेशकों को सतर्कता बरतने और बाजार के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखकर निर्णय लेने की सलाह भी दे रहे हैं।
चांदी में आई इस ऐतिहासिक तेजी ने न केवल सर्राफा बाजार में हलचल बढ़ा दी है, बल्कि आने वाले दिनों में कीमती धातुओं के बाजार की दिशा को लेकर नई चर्चाएं भी शुरू कर दी हैं।









