::::::::::अहिल्याबाई मंदिर प्रकरण :::::::
कांग्रेस -भाजपा आमने-सामने
सीएम-पीएम काशी की जनता से माफी मांगे : राय
सीएम के बयान पर विपक्ष मुखर
एआई जेनरेटेड वीडियो के आरोप में आठ नामजद
एम.नसीम की कलम से
काशी। अहिल्याबाई मंदिर तोङने के मामले में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शनिवार को दिये गये बयान में आरोप लगाया गया था कि एआई वीडियो बनाकर प्रसारित किया गया। उन्होंने इसे काशी को बदनाम करने वाला कृत्य बताते हुए कार्यवाई की चेतावनी तक दे डाली थी। सीएम के इस बयान का असर यह रहा कि कांग्रेस खेमें में खलबली मच गई। यही नहीं सपा , बसपा समेत अन्य विपक्षी भी मुखर हो गए।
कांग्रेस ने अहिल्याबाई मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन यशवंत होल्कर द्वारा दस जनवरी के एक पत्र के हवाले से कहा कि मंदिर तोङने से संबंधित यह पत्र नगर निगम को दिया गया था। जिसमें बगैर सूचना के मंदिर तोङने और मलवे में पङी मूर्ति पर आपत्ति की गई थी। कहा गया कि एआई वीडियो का आरोप लगाकर चेतावनी देने वाले इस पत्र को स्वयं ही देखे । वीडियो झूठा है तो प्रबंधन द्वारा दिया गया यह पत्र का विवरण क्या दर्शाता है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि एआई वीडियो का आरोप लगाने वाले झूठ बोल रहे हैं। काशी की जनता से सीएम और पीएम माफी मांगे । इधर, मामला अब नेशनल स्तर भी तूल पकङने लगा। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव, बहुजन समाज पार्टी की मायावती, चंद्रशेखर आजाद आदि ने भी अहिल्याबाई मूर्ति तोङने के मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ के एआई जेनरेट वीडियो वाले पर सवाल खङे किये । वहीं सीएम की सख्ती के बाद एआई जेनरेट वीडियो के आरोप में अब तक आठ लोगों पर मुकदमा भी जारी किया गया है।










