Follow us on

Home » प्रशासनिक » लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए न्यायपालिका का सशक्त होना जरूरी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लोकतंत्र के सशक्तिकरण के लिए न्यायपालिका का सशक्त होना जरूरी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Share this post:

 

चंदौली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए न्यायपालिका का सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है। आम नागरिक को सरल, सहज और त्वरित न्याय मिले, इसके लिए आधुनिक एवं सुदृढ़ न्यायिक अवसंरचना अनिवार्य है।

चंदौली में आयोजित एकीकृत न्यायालय परिसर के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय मुख्य न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 10 नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स के निर्माण की कार्ययोजना देश के लिए एक मॉडल बनेगी। उन्होंने अन्य राज्य सरकारों को भी इसी प्रकार के आधुनिक कोर्ट कॉम्प्लेक्स विकसित करने का सुझाव दिया।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि संविधान में जिला न्यायालयों की स्थापना का उद्देश्य आम जनता को त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। ये एकीकृत न्यायालय परिसर आमजन के लिए “न्याय के मंदिर” सिद्ध होंगे, जो हर प्रकार की सुविधाओं से युक्त होंगे और आने वाले अगले 50 वर्षों तक न्यायिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम रहेंगे।

उन्होंने मुख्यमंत्री से महिला अधिवक्ताओं के लिए पृथक बार भवन तथा सभी कोर्ट कॉम्प्लेक्स में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था करने का भी आग्रह किया।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माननीय मुख्य न्यायाधीश को पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कार्यों में प्रदेश सरकार कभी विलंब नहीं करती। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि पहले चरण में छह जनपदों के लिए धनराशि जारी की जा चुकी है, डिजाइन स्वीकृत हो चुका है और सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हैं।

जनपद चंदौली के लिए लगभग 286 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं। शिलान्यास के पश्चात निर्माण कार्य विश्वविख्यात संस्था एलएंडटी द्वारा तीव्र गति से कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इन एकीकृत न्यायालय परिसरों में एक ही छत के नीचे न्यायालयों के साथ-साथ अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक चैंबर, न्यायिक अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधाएं, खेल परिसर, पार्किंग एवं कैंटीन की भी व्यवस्था होगी। उन्होंने कहा कि चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया—इन छह जनपदों में एकीकृत न्यायालय परिसरों के निर्माण का शुभारंभ आज हुआ है और यह कार्य तय समय सीमा में पूर्ण किया जाएगा। शेष चार जनपदों की औपचारिकताएं भी शीघ्र पूरी कर ली जाएंगी। यह पहल भारत के न्यायिक इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित होगी।

कार्यक्रम में माननीय न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय न्यायमूर्ति श्री विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति श्री पंकज मित्तल, न्यायमूर्ति श्री मनोज मिश्रा, न्यायमूर्ति श्री राजेश बिंदल, माननीय मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय इलाहाबाद न्यायमूर्ति श्री अरुण भंसाली सहित अनेक वरिष्ठ न्यायाधीश एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

 

लेखक के बारे में

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

मौसम अपडेट

राशिफल

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x