वाराणसी। कमिश्नरी ऑडिटोरियम सभागार में ‘हिंदी है हम साहित्य संगम’ संस्था के तत्वावधान में राष्ट्रीय स्तर का कवि सम्मेलन भव्य रूप से आयोजित किया गया। सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से पधारे नवांकुर कवियों ने अपनी सशक्त, भावपूर्ण एवं समसामयिक रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कविता, साहित्य और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाओं की प्रस्तुति से पूरा सभागार साहित्यिक रस से सराबोर हो उठा। कार्यक्रम का आयोजन प्रसिद्ध लेखक एवं साहित्यकार आर्यवर्त ‘आर्य’ द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से नवोदित रचनाकारों को मंच मिलता है तथा हिंदी साहित्य को नई ऊर्जा और दिशा प्राप्त होती है। उन्होंने युवा कवियों को निरंतर लेखन एवं सृजनशीलता के लिए प्रेरित किया। मुख्य अतिथि डॉ. महिम तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी भाषा और साहित्य के संवर्धन में ऐसे साहित्यिक आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने नवांकुर कवियों के उत्साह की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर रचनात्मक बने रहने का आह्वान किया। कवि सम्मेलन में युवा कवियों ने प्रेम, संवेदना, राष्ट्र, समाज और जीवन दर्शन से जुड़ी कविताओं का पाठ कर श्रोताओं से खूब तालियां बटोरीं। सम्मेलन में दीपक, जितेंद्र, शेखर, श्वेता, सविता धर, अमित झा, डॉ. कीर्ति पाण्डेय, अंकित, जगवीर, विकास बरनवाल, अंजनी कुमार सिंह, संजय श्रीवास्तव एवं सोनाली मेश्राम सहित अनेक कवि और साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सभी कवियों के सामूहिक सम्मान एवं तालियों की गूंज के साथ हुआ। इस अवसर पर समाजसेवी एवं सिविल डिफेंस कलेक्ट्रेट प्रखंड के सेक्टर वार्डेन अंजनी कुमार सिंह, विकास बरनवाल और संजय श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।









