वाराणसी, 10 जनवरी 2026। उत्तर प्रदेश के मेरठ (सरधना) में एक महिला की निर्मम हत्या और उसकी मासूम बेटी के अपहरण की दिल दहला देने वाली घटना को लेकर शनिवार को वाराणसी में जबरदस्त जनाक्रोश देखने को मिला। घटना के विरोध में बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने आंबेडकर चौराहा कचहरी पर एकत्र होकर कैंडल मार्च निकाला और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की।
हाथों में मोमबत्तियां और तख्तियां लिए प्रदर्शनकारी जब सड़कों पर उतरे तो पूरे इलाके में शोक, आक्रोश और आक्रामक नारों का माहौल बन गया। “दोषियों को फांसी दो”, “नारी सुरक्षा शर्मनाक है” और “न्याय नहीं तो आंदोलन” जैसे नारों से क्षेत्र गूंज उठा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है और प्रदेश में कानून-व्यवस्था की पोल खोलती है। उन्होंने मांग की कि इस जघन्य अपराध में शामिल सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर फांसी की सजा दी जाए। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार से यह भी मांग की गई कि अन्य संगीन अपराधों की तरह इस मामले में भी आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की जाए, ताकि समाज में कड़ा संदेश जा सके।
कैंडल मार्च के दौरान वक्ताओं ने महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने NCRB के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में महिला अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, जो ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों की सच्चाई पर सवाल खड़े करते हैं। वक्ताओं ने कहा कि जब तक महिलाओं को सुरक्षित माहौल नहीं मिलेगा, तब तक ऐसे नारे केवल कागजी साबित होंगे।

प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी, उचित मुआवजा और सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पीड़िता और उसकी बेटी को जल्द न्याय नहीं मिला तो यह आंदोलन और व्यापक रूप लेगा।
समस्त कार्यक्रम आंबेडकर चौराहा कचहरी वाराणसी पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जहां लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर पीड़िता को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।









