Follow us on

Home » आज फोकस में » तीन दिवसीय बनारस लिट फेस्ट–काशी कला उत्सव का 30 जनवरी से आग़ाज़, होटल ताज बनेगा साहित्य–संस्कृति का केंद्र

तीन दिवसीय बनारस लिट फेस्ट–काशी कला उत्सव का 30 जनवरी से आग़ाज़, होटल ताज बनेगा साहित्य–संस्कृति का केंद्र

Share this post:

वाराणसी। काशी की साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपरा को वैश्विक मंच प्रदान करने वाला तीन दिवसीय बनारस लिट फेस्ट–काशी कला उत्सव का शुभारंभ 30 जनवरी 2026 को होटल ताज, वाराणसी में होगा। यह भव्य आयोजन 01 फरवरी 2026 तक चलेगा। उत्सव की सभी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। यह जानकारी आयोजन समिति के अध्यक्ष दीपक मधोक ने शनिवार को बनारस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान दी।

दीपक मधोक ने बताया कि पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उत्सव में सहभागिता करने वाले प्रतिष्ठित अतिथियों की प्रारंभिक सूची जारी की गई थी, जिसे मीडिया और साहित्यिक–बौद्धिक जगत से व्यापक सराहना मिली। दूसरी प्रेस वार्ता में आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह सूची निरंतर विस्तारित हो रही है और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की अनेक ख्यातिप्राप्त साहित्यिक और बौद्धिक हस्तियों ने उत्सव में अपनी सहभागिता की पुष्टि कर दी है।

उन्होंने कहा कि बनारस लिट फेस्ट केवल एक साहित्यिक आयोजन नहीं, बल्कि यह भाषा, समाज, साहित्य, कला, संगीत, लोक परंपरा, शास्त्रीय चेतना, विचार, शिक्षा, विज्ञान–तकनीक और समकालीन विमर्श का समन्वित उत्सव है। इस मंच पर संवाद, विमर्श और रचनात्मक अभिव्यक्ति के विविध रंग देखने को मिलेंगे।

आयोजकों के अनुसार इस उत्सव में देश–विदेश से 250 से अधिक लेखक, कवि, कलाकार, विचारक, पत्रकार, शिक्षाविद, विशिष्ट अतिथि और सांस्कृतिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। उत्सव 30 जनवरी से 01 फरवरी तक होटल ताज, वाराणसी में आयोजित होगा और यह सभी के लिए नि:शुल्क एवं खुले प्रवेश वाला रहेगा।

उत्सव में कई ख्यातिप्राप्त चित्रकार, कलाकार, छायाकार और शिल्पकार अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियां देंगे। साथ ही काशी, पूर्वांचल और देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़े वरिष्ठ एवं युवा रचनाकार, लोक कलाकार, रंगकर्मी, संगीतज्ञ और नवोदित प्रतिभाएं भी मंच साझा करेंगी। इस आयोजन में अवधेश प्रधान, व्योमेश शुक्ला, श्रीप्रकाश शुक्ला, प्रभात मिश्रा सहित अनेक स्थानीय लेखक और साहित्यकार भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

बनारस लिट फेस्ट–काशी कला उत्सव को लेकर साहित्यप्रेमियों और सांस्कृतिक जगत में विशेष उत्साह देखा जा रहा है, और यह आयोजन एक बार फिर काशी को साहित्य–संस्कृति की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

लेखक के बारे में

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

मौसम अपडेट

राशिफल

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x