प्रयागराज। माघ मेला 2026 के दौरान शुक्रवार को एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब सेक्टर-4 स्थित एक कल्पवासी शिविर में एलपीजी गैस सिलेंडर से अचानक गैस रिसाव शुरू हो गया। गैस की तीव्र गंध फैलते ही शिविर में मौजूद श्रद्धालुओं और कल्पवासियों में अफरातफरी मच गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। घटना की सूचना मिलते ही मेला प्रशासन और दमकल विभाग तत्काल सक्रिय हो गया। फायर ब्रिगेड की टीम कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए सिलेंडर की आपूर्ति बंद कर गैस लीकेज पर नियंत्रण पा लिया। समय रहते की गई इस कार्रवाई से आग या विस्फोट जैसी गंभीर घटना टल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शिविर में उस समय भोजन बनाने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान अचानक गैस फैलने लगी, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत इसकी सूचना प्रशासन और फायर विभाग को दी। दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सिलेंडर के रेगुलेटर में खराबी के कारण गैस रिसाव की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत या झुलसने की कोई सूचना नहीं है। घटना के बाद कुछ समय तक मेला क्षेत्र में दहशत का माहौल रहा, लेकिन प्रशासन द्वारा स्थिति नियंत्रण में होने की पुष्टि के बाद श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली। पुलिस और मेला प्रशासन की टीमों ने लोगों से संयम बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। गौरतलब है कि माघ मेला क्षेत्र में हजारों कल्पवासी अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं, जहां भोजन पकाने के लिए बड़ी संख्या में एलपीजी सिलेंडरों का उपयोग हो रहा है। प्रशासन द्वारा पहले ही गैस सिलेंडरों के सुरक्षित उपयोग को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, बावजूद इसके इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद संबंधित शिविर सहित आसपास के अन्य शिविरों में रखे गैस सिलेंडरों की जांच कराई गई। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खराब रेगुलेटर या पाइप का प्रयोग न किया जाए और सिलेंडरों को खुले व सुरक्षित स्थानों पर ही रखा जाए। दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि माघ मेला जैसे विशाल आयोजन में छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए फायर ब्रिगेड की टीमें लगातार मेला क्षेत्र में गश्त कर रही हैं और संभावित खतरों पर पैनी नजर रखी जा रही है।उल्लेखनीय है कि 44 दिनों तक चलने वाले माघ मेला 2026 में लाखों श्रद्धालु संगम तट पर आस्था की डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग सहित तमाम एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं। फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है और मेला क्षेत्र में गतिविधियां सुचारू रूप से जारी हैं।









