ट्रंप ने फिर दिखायी तानाशाही दुनिया को गुलाम बनाने की मानसिकता
एम. नसीम की कलम से
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वेनेजुएला के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को यातना के साथ उठाकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर विश्व को अपने तानाशाही का परिचय दे दिया है। उनके दमनात्मक कृत्य की विश्व स्तर पर निन्दा होनी चाहिए। इसलिए कि यदि अमेरिकी राष्ट्रपति की घेरेबंदी करने में विश्व समुदाय असफल होता है इसका दुरगामी परिणाम होगा।
बताते चलें कि अमेरिका अब ऐसी शख्सियत में शुमार किया जाने लगा है जो विश्व को अपने इशारे पर नचाने की लालसा रखता है। इससे पहले ईरान, ईराक, आफगानिस्तान और यूक्रेन को भी निशाने पर ले चुका है। फिलस्तीनियो के खिलाफ हुए युद्ध में भी अपनी उपस्थिति दर्शाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति रूस और चीन से भी उलझ चुके हैं। यही नहीं भारत के खिलाफ भी दोगली नीति अपनाकर पाकिस्तान का सपोर्ट किया। इसी तरह अपनी शक्ति का दुरूपयोग करते हुए अमेरिकी फौज ने बेनेजुएला में धडेढ घंटे तक वहां आपरेशन भी चलाया । अमेरिकी कमांडो बेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरै और उनकी पत्नी को सेना के बेडरूम से घसीटकर ले गये। खबरों के मुताबिक अमेरिका की नजर वेनेजुएला के तेल भंडार पर है। वह तेल पर अपना अधिपत्य रगना चाहता है। इसलिए यह कार्यवाई भी बिजली गुल कर की गई। इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि वेनेजूएलाएअमेरिका के कब्जे में रहेगा । यह कार्यवाई मादक पदार्थ के विरोध स्वरूप की गई है। सोवियत रूस ने भी अमेरिकी कार्यवाई को अन्तर्राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का उल्लंथन बताया।









