चौबेपुर। नववर्ष के पावन अवसर पर गुरुवार की सुबह से ही क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। गंगा-गोमती के पावन संगम पर स्थित ऐतिहासिक मार्कंडेय महादेव मंदिर में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। तड़के भोर से ही श्रद्धालुओं ने संगम घाट पर पुण्य स्नान कर विधि-विधान से बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और परिवार की सुख-समृद्धि, शांति व खुशहाली की कामना की।
सुबह से मंदिर प्रांगण “हर-हर महादेव” के गगनभेदी जयघोष से गुंजायमान रहा। भक्तों की लंबी कतारें, घंटा-घड़ियाल की ध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर कर दिया। दर्शनार्थियों ने बताया कि बीते वर्षों की कठिन परिस्थितियों के बाद वे नए वर्ष में सकारात्मकता, सद्भाव और मंगलकामनाओं के साथ बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे हैं।
नववर्ष पर दर्शन-पूजन के लिए पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों—गाजीपुर, बलिया, जौनपुर, चंदौली, देवरिया, भदोही सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। प्रशासन व मंदिर समिति की ओर से दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के प्रयास किए गए, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा के साथ दर्शन प्राप्त हो सके।

इधर, संगम घाट क्षेत्र में नववर्ष पर विशेष रौनक देखने को मिली। परिवार के साथ भ्रमण पर आए पर्यटकों के लिए साइबेरियन पक्षी आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने रहे। हजारों किलोमीटर दूर से आने वाले इन दुर्लभ प्रवासी पक्षियों को निहारने के लिए गंगा घाट से लेकर संगम घाट तक लोगों की भीड़ जुटी रही। श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने प्रकृति के मनोहारी सौंदर्य के बीच नए साल का उल्लासपूर्वक स्वागत किया।
कुल मिलाकर, नववर्ष पर मार्कंडेय महादेव धाम आस्था, संस्कृति और प्रकृति के त्रिवेणी संगम के रूप में श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय अनुभव बनकर सामने आया।









