वाराणसी। वाराणसी के प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ 67 वर्षीय व्यापारी सुरेंद्र केशरी उर्फ मुन्ना ने आत्महत्या कर ली है। सुरेंद्र केशरी बड़ादेव मोहल्ले में इलेक्ट्रॉनिक सामान की दुकान चलाते थे और उनका परिवार तीन बेटियों और एक बेटे से मिलकर बना था।आर्थिक तंगी और धोखे का आरोपपरिजनों के अनुसार, सुरेंद्र केशरी ने एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उन्होंने 11 लाख रुपए के कर्ज और एक अन्य व्यापारी द्वारा पैसे हड़प लेने की बात लिखी थी। उन्होंने इस व्यापारी के नाम अभिषेक बेरी का भी जिक्र किया, जिससे उन्होंने 40 से 50 लाख रुपए लगाए थे, जो डूब गए थे। इन आर्थिक समस्याओं से वह काफी परेशान थे । घटना का विस्तृत विवरणमंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे सुरेंद्र केशरी अपने एक कर्मचारी के साथ घर से निकले। रास्ते में उन्होंने कर्मचारी को नाश्ता करने के लिए भेज दिया। जब कर्मचारी वापस लौटा, तो सुरेंद्र वहां मौजूद नहीं थे। खोजबीन के बाद परिवार को सूचना मिली। बुधवार सुबह 9 बजे गणेश घाट पर उनका शव बरामद हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और सुसाइड नोट की जांच शुरू कर दी ।पुलिस जांच और परिवार की प्रतिक्रियापुलिस ने सुसाइड नोट में नामजद व्यापारी अभिषेक बेरी से पूछताछ की है। एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि आगे की कार्रवाई तहरीर मिलने के बाद की जाएगी। परिवार वालों ने बताया कि सुरेंद्र केशरी के तीन लड़कियां और एक लड़का हैं, जिनमें से सभी की शादी हो चुकी है और एक दामाद उनके साथ रहता है। यह घटना पूरे इलाके में सनसनी फैला गई है। समाज पर प्रभावइस घटना ने वाराणसी के व्यापारिक वर्ग में चिंता और दुख की लहर दौड़ा दी है। आर्थिक तंगी और धोखाधड़ी के मामलों को लेकर समाज में चर्चा तेज हो गई है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और मृतक के परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं









