वाराणसी। शहरवासियों को जाम से निजात दिलाने वाला बहुप्रतीक्षित कज्जाकपुरा रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) अब 10 दिन बाद आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। शासन के सख्त निर्देशों और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के लगातार निरीक्षण के बावजूद पुल को समय पर शुरू नहीं किया जा सका। अंतिम डेडलाइन 30 नवंबर तय की गई थी, पर अब इसे 10 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है।अंडरपास पर रखे बो स्ट्रिंग गर्डर की कंक्रीट ढलाई पूरी हो चुकी है और फिलहाल फाइनल टच के साथ पिचिंग रोड का काम तेजी से किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, पुल चालू करने की सभी औपचारिकताएं अगले कुछ दिनों में पूरी कर ली जाएंगी। हालांकि इस ओवरब्रिज का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों होना प्रस्तावित है, इस कारण अधिकारी किसी निश्चित तिथि पर खुलकर बयान देने से बच रहे हैं।छह साल में तैयार हुआ 1355 मीटर लंबा पुलकज्जाकपुरा आरओबी का निर्माण कार्य सितंबर 2019 में शुरू हुआ था। इसे पूरा करने की प्रारंभिक समयसीमा जून 2022 तय की गई थी, लेकिन निर्माण में देरी के चलते इसकी मियाद अब तक सातवीं बार बढ़ाई जा चुकी है। काम की धीमी गति को देखते हुए शासन ने पहले मार्च 2024, फिर जून 2025 की डेडलाइन निर्धारित की थी। इसके बाद भी काम निर्धारित समय में पूरा नहीं हो सका।रेलवे ओवरब्रिज की लंबाई 1355.51 मीटर और कुल लागत करीब 144.52 करोड़ रुपये है। परियोजना में कुल 54 पिलर बनाए गए हैं। सेतु निगम के अधिकारियों का दावा है कि अब अधिकांश शेष कार्य पूरा हो चुका है और अंतिम लेयर का निर्माण जारी है।स्थानीय लोगों को झेलनी पड़ी परेशानीकज्जाकपुरा रेलवे क्रॉसिंग को ओवरब्रिज निर्माण के दौरान बंद कर दिया गया था, जिससे आसपास के इलाकों के लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। समय-समय पर छोटे वाहनों के मार्ग भी रोके जाने से नाराज लोगों ने कई बार विरोध प्रदर्शन भी किए। जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद ट्रैफिक पुलिस ने अस्थायी व्यवस्था के तहत कुछ दिनों तक रास्ता खोला, लेकिन निर्माण कार्य की जरूरतों के चलते फिर से बंद कर दिया गया।अब जब आरओबी पूरा होने की कगार पर है, स्थानीय लोगों में उम्मीद है कि छह साल की प्रतीक्षा के बाद उन्हें स्थायी समाधान मिलेगा और शहर के इस भीड़भाड़ वाले मार्ग पर जाम की समस्या से राहत मिलेगी।









