वाराणसी। प्रदेश के स्टांप एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल ने गुरुवार को सर्किट हाउस सभागार में लगभग 548 करोड़ रुपये की लागत से वाराणसी में प्रस्तावित विद्युत व्यवस्था के बुनियादी सुधार कार्यों की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि स्वीकृत कार्यों को युद्धस्तर पर प्रारंभ कर समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराया जाए।
मंत्री ने शहर में बांस-बल्ली के सहारे लटकते जर्जर विद्युत तारों को शत-प्रतिशत व्यवस्थित किए जाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान लोड के अनुरूप 1202 विद्युत ट्रांसफार्मरों का उच्चीकरण, 16 नए विद्युत सब स्टेशनों का निर्माण, 21 स्थानों पर अतिरिक्त ट्रांसफार्मर, 552 किमी एचटी लाइन तथा 1246 किमी एलटी लाइन बिछाने का कार्य कराया जाएगा।
बैठक में मंत्री जायसवाल ने प्रस्तावित 15 नए विद्युत उपकेंद्रों के लिए शीघ्र स्थान चयन के निर्देश देते हुए कहा कि क्षेत्रीय भ्रमण कर उचित एवं निर्विवाद स्थल चिन्हित किए जाएं। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर जर्जर तारों से मुक्ति दिलाने और पुराने ट्रांसफार्मरों को बदलने के लिए ठोस रणनीति तैयार कर सूची बनाने के निर्देश भी दिए।

मंत्री ने कहा कि बेहतर विद्युत आपूर्ति शहर के विकास की रीढ़ है और वाराणसी की जनता को निर्बाध व सुरक्षित बिजली उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। बैठक में मुख्य अभियंता राकेश कुमार सहित विद्युत विभाग के सभी अधीक्षण एवं अधिशासी अभियंता तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।









