वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, महाराजा (डॉ.) विभूति नारायण सिंह परिसर, गंगापुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाइयों द्वारा 10 जनवरी 2026 को विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर एक भव्य एवं प्रेरक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा वैश्विक स्तर पर इसकी बढ़ती स्वीकार्यता से परिचित कराना रहा।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यअतिथि डॉ.मनोज कुमार सोनकर, सहायक आचार्य (हिंदी) द्वारा विश्व हिंदी दिवस के महत्व एवं उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए किया गया। इस अवसर पर एनएसएस स्वयंसेवकों के लिए भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें “हिंदी वैश्विक संपर्क की भाषा” तथा “आधुनिक
भारत में हिंदी की प्रासंगिकता” विषयों पर प्रतिभागियों ने प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए परिसर प्रभारी डॉ. मनीष कुमार सिंह ने कहा कि “हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और मूल्यों की संवाहक है। तकनीकी एवं डिजिटल युग में हिंदी वैश्विक मंच पर अपनी सशक्त पहचान स्थापित कर रही है।” वक्ता के रूप में डॉ. अवनीश कुमार सिंह ने भी हिंदी के वर्तमान स्वरूप और भविष्य की संभावनाओं पर सारगर्भित व्याख्यान दिया। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राम प्रकाश सिंह यादव ने किया। इस दौरान कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रमेश मिश्रा एवं डॉ. राजेश कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए। स्वागत भाषण कार्यक्रम अधिकारी श्री सुमित कुमार घोष द्वारा तथा धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. महेश कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के समापन सत्र में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अर्चना पाण्डेय ने सभी स्वयंसेवकों, कार्यक्रम अधिकारियों एवं शिक्षकों को अपने दैनिक जीवन में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग तथा इसके गौरव को बनाए रखने की शपथ दिलाई।कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।









