वाराणसी, 26 फरवरी 2026। विश्वविद्यालय प्रेस को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करते हुए आशापति शास्त्री ने प्रेस व्यवस्थापक के रूप में विधिवत् कार्यभार ग्रहण कर लिया। उनके दायित्व संभालने के साथ ही प्रशासनिक एवं तकनीकी कार्यप्रणाली में नवचेतना का संचार हुआ है। उल्लेखनीय है कि आशापति शास्त्री ने अपने कार्यजीवन की शुरुआत कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में की थी। अपनी कर्मनिष्ठा, तकनीकी दक्षता तथा अनुशासित कार्यशैली के बल पर उन्होंने संस्थान में विशिष्ट पहचान स्थापित की। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा संचालित अखिल भारतीय सर्वेक्षण का प्रभारी दायित्व भी उन्हें सौंपा गया, जिसका वे वर्तमान में सफलतापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं। गत छह वर्षों से वे गोपनीय मुद्रण प्रभारी के रूप में प्रश्नपत्रों के मुद्रण एवं सुरक्षा से जुड़े सभी कार्यों का संचालन अत्यंत सतर्कता और पारदर्शिता के साथ करते रहे हैं। परीक्षा प्रक्रिया की गोपनीयता, समयबद्धता और विश्वसनीयता बनाए रखने में उनकी भूमिका सराहनीय रही है। कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत आशापति शास्त्री ने कहा कि आधुनिक युग में कंप्यूटरीकरण एवं तकनीकी उन्नयन समय की अनिवार्य आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि यह प्रेस प्रदेश की एकमात्र ऐसी संस्था है, जो अपने सभी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों का मुद्रण स्वयं करती है। यह व्यवस्था विश्वविद्यालय की स्वायत्तता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता का प्रतीक है। उन्होंने प्रेस को पूर्णतः अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित करने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार करने तथा कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ एवं गतिशील बनाने का संकल्प व्यक्त किया। इस अवसर पर उन्होंने माननीय कुलपति, कुलसचिव, प्रेस प्रभारी एवं परीक्षा नियंत्रक के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनके विश्वास पर खरा उतरना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने संस्था को प्रगति, पारदर्शिता और उत्कृष्टता के नए आयामों तक पहुंचाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का भरोसा दिलाया।









