वाराणसी। आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अब जनपद में बारात घर के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगी। इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 15 दिसंबर 2025 को विकास खंड सेवापुरी के ग्राम पंचायत अर्जुनपुर एवं भारत महिला ग्राम संगठन के मध्य प्रथम एमओयू संपन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री एवं ग्राम्य विकास मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने वाराणसी भ्रमण के दौरान बारात घरों के संचालन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपने के निर्देश दिए थे। जिला प्रशासन ने अब इस निर्देश को धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है। जनपद में 64 से अधिक बारात घरों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें पायलट प्रोजेक्ट के रूप में अर्जुनपुर ग्राम सभा से शुरुआत की गई है। एमओयू के तहत नवनिर्मित बारात घर की देखरेख और संचालन ग्राम संगठन द्वारा किया जाएगा, जिसे आमजन के लिए किराए पर उपलब्ध कराया जाएगा। ग्राम संगठन से संपर्क कर किसी भी मांगलिक कार्य जैसे तिलकोत्सव, शादी-विवाह, जन्मदिन आदि के लिए बारात घर बुक किया जा सकेगा। बुकिंग शुल्क 5100 रुपये निर्धारित किया गया है, जिसके अंतर्गत कमरे, हाल, पानी, बिजली, शौचालय एवं साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त मांग पर टेंट, कैटरिंग एवं जनरेटर सेट जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। बारात घर के संचालन से होने वाली कुल आय का 35 प्रतिशत हिस्सा संबंधित ग्राम पंचायत को प्राप्त होगा। इससे जहां ग्राम पंचायत के राजस्व में वृद्धि होगी, वहीं सार्वजनिक संपत्ति की बेहतर देखरेख भी सुनिश्चित हो सकेगी। साथ ही स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे। उपायुक्त स्वत: रोजगार पवन कुमार सिंह ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि उप मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन की यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इससे ग्राम पंचायत स्तर पर संसाधनों का बेहतर प्रबंधन भी संभव हो सकेगा।एमओयू पर ग्राम प्रधान विमला देवी एवं ग्राम संगठन की अध्यक्ष अनीता देवी ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर रीता, राधिका सहित बड़ी संख्या में समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं।









