वाराणसी/नई दिल्ली। स्वतंत्र पत्रकारिता की ऐतिहासिक परंपरा को सम्मान देते हुए अंतरराष्ट्रीय रियल मीडिया फाउंडेशन (IRMF) ने निष्पक्ष, निर्भीक और सत्यनिष्ठ पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. पंकज श्रीवास्तव को प्रतिष्ठित “James Augustus Hickey Achievement Award” से सम्मानित किया है। यह सम्मान भारतीय पत्रकारिता के जनक माने जाने वाले जेम्स ऑगस्टस हिकी की स्मृति में स्थापित किया गया है, जिनका नाम स्वतंत्र प्रेस, निर्भीक लेखन और सत्ता से सवाल पूछने की परंपरा का प्रतीक रहा है।
समारोह में IRMF के संस्थापक एचआरएच प्रिंस डॉ. देशराज विक्रांत ने डॉ. पंकज श्रीवास्तव को यह सम्मान प्रदान किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज के चुनौतीपूर्ण मीडिया परिदृश्य में सत्य, तथ्य और जनहित को केंद्र में रखकर पत्रकारिता करना एक साहसिक कार्य है, और डॉ. पंकज श्रीवास्तव ने अपने कार्यों से इस परंपरा को जीवंत बनाए रखा है।
जेम्स ऑगस्टस हिकी को भारतीय पत्रकारिता का जनक इसलिए माना जाता है क्योंकि उन्होंने 18वीं शताब्दी में सत्ता और शासन के विरुद्ध सच लिखने का साहस दिखाया और स्वतंत्र प्रेस की नींव रखी। उनके सिद्धांत—साहस, सत्यनिष्ठा और जनहित—आज भी पत्रकारिता के मूल स्तंभ माने जाते हैं। इन्हीं मूल्यों को आत्मसात कर समाज के हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज़ को मुखर करने वाले पत्रकारों को यह सम्मान दिया जाता है।

डॉ. पंकज श्रीवास्तव की पत्रकारिता यात्रा सामाजिक सरोकारों, जनपक्षधर मुद्दों और तथ्यपरक रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती है। उन्होंने बिना किसी दबाव के जनहित से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाया और पत्रकारिता की गरिमा को बनाए रखने का निरंतर प्रयास किया है।
यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों की मान्यता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि आज के समय में स्वतंत्र, जिम्मेदार और नैतिक पत्रकारिता की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। मीडिया जगत में इस सम्मान को प्रेरणास्रोत के रूप में देखा जा रहा है, जो युवा पत्रकारों को निर्भीक होकर सत्य के पक्ष में खड़े रहने की सीख देता है।









