सिंगरौली (मध्य प्रदेश)। चंद्रा साहित्य परिषद (ट्रस्ट) की सिंगरौली इकाई द्वारा जिला बैढ़न मुख्यालय सभागार में शनिवार को प्रथम काव्य गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकारों और कवियों ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं से पूरे वातावरण को साहित्यिक रसधारा से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रसिद्ध समाजसेवी एवं नारायण इंटरनेशनल कंपनी के चेयरमैन सह प्रबंध निदेशक जगत नारायण चौरसिया द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके पश्चात सुप्रसिद्ध कवयित्री साधना सुपेकर ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम को गरिमामय बनाया।
चंद्रा साहित्य परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर राम नरेश ‘नरेश’ ने उपस्थित सभी कवियों एवं अतिथियों का माल्यार्पण और अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि लोकगीत और पारंपरिक गीत आज धीरे-धीरे विलुप्त होते जा रहे हैं। इन विधाओं को पुनः प्रतिष्ठित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से परिषद द्वारा पहली बार यह काव्य गोष्ठी आयोजित की गई है।

काव्य गोष्ठी में कवियों ने एक से बढ़कर एक रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्रोताओं की तालियों की गूंज से सभागार देर तक गूंजता रहा और कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत भावपूर्ण बना रहा।
मुख्य अतिथि जगत नारायण चौरसिया ने चंद्रा साहित्य परिषद की सराहना करते हुए कहा कि इस संस्था के निर्माण का संपूर्ण श्रेय स्मृतिशेष स्व. चंद्रावती ‘नरेश’ को जाता है। उन्होंने कहा कि साहित्य और संस्कृति के संरक्षण में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा और उन्हें कोटि-कोटि नमन है।काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता कृपा शंकर ‘माहिर’ ने की, जबकि संचालन डॉ. बृजेश कुमार शुक्ल ने किया।
इस अवसर पर प्रविंद्र दुबे ‘चंचल’, रमाकांत पांडे, राम खेलावन मिश्रा, कृतिका द्विवेदी, रविंद्र मिश्रा, साधना सुपेकर, अश्वनी कुमार श्रीवास्तव सहित दर्जनों साहित्यकार एवं कवि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमियों की सहभागिता ने आयोजन को और भी गरिमामय बना दिया।









