वाराणसी। धर्म और इतिहास की पावन धरती वाराणसी के सारनाथ क्षेत्र में रविवार को गौरव और सम्मान का भावनात्मक दृश्य देखने को मिला, जब उत्तर प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र के वार्ड सारनाथ में विधायक निधि से निर्मित दो भव्य स्मृति द्वारों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। लगभग 14 लाख रुपये की लागत से तैयार इन द्वारों में सारनाथ संग्रहालय के समीप बना ‘चतुरी पहलवान द्वार’ तथा ‘शहीद कैप्टन रुद्र प्रताप सिंह स्मृति द्वार’ शामिल हैं।
इन दोनों स्मृति द्वारों का निर्माण स्थानीय वीरों और जननायकों के सम्मान में कराया गया है, जो क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास और त्याग की परंपरा को जीवंत रखते हैं। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय नागरिकों में विशेष उत्साह और आत्मगौरव की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने कहा कि चतुरी पहलवान तथा शहीद कैप्टन रुद्र प्रताप सिंह जैसे व्यक्तित्व समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके सम्मान में निर्मित ये स्मृति द्वार न केवल उनकी स्मृतियों को संजोए रखेंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति, साहस और समाजसेवा के प्रति प्रेरित भी करते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्थानीय इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और वीर सपूतों के सम्मान को प्राथमिकता दे रही है। सारनाथ जैसे ऐतिहासिक क्षेत्र में ऐसे स्मारक द्वारों का निर्माण क्षेत्र की पहचान को और सशक्त करेगा।
उल्लेखनीय है कि इन दोनों द्वारों का निर्माण विधायक निधि से लगभग 14 लाख रुपये की लागत से कराया गया है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि लंबे समय से इन महान विभूतियों के नाम पर स्थायी स्मारक की मांग की जा रही थी, जिसे अब साकार रूप मिल गया है।
सारनाथ संग्रहालय के पास स्थापित ये द्वार क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों का ध्यान आकर्षित करेंगे और स्थानीय इतिहास से परिचित कराने का माध्यम बनेंगे। नागरिकों का मानना है कि इससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और अधिक मजबूत होगी।
कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष अतुल सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष अजीत सिंह, पार्षद संजय जायसवाल, पार्षद अभय पांडेय, पार्षद राजेश यादव, संगीता सिंह, अशोक सिंह, कारगिल योद्धा अजय, कर्नल अजीत सिंह, मेजर शशिकांत वर्मा, सुधीर सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने स्मृति द्वारों के निर्माण पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे स्मारक न केवल अतीत की गौरवगाथा को संरक्षित करते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और राष्ट्रीय चेतना का संचार भी करते हैं।
धार्मिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सारनाथ क्षेत्र में इन द्वारों का निर्माण स्थानीय पहचान को नया आयाम देगा। क्षेत्रवासियों का मानना है कि यह पहल समाज में अपने नायकों के प्रति सम्मान की भावना को और सुदृढ़ करेगी।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुआ। उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच इस पहल का स्वागत किया और इसे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया।









