वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी में 6 एवं 7 फरवरी 2026 को सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की अग्रणी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) तथा विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में गैर-तकनीकी विषयों के विद्यार्थियों के लिए ‘भारत युवा एआई हैकाथॉन’ विषयक दो दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का युग है, जिसमें तकनीक के साथ-साथ संस्कारों का समन्वय अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि एआई का ज्ञान अब केवल तकनीकी विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि गैर-तकनीकी विषयों के छात्रों के लिए भी यह समय की अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है। ऐसी कार्यशालाएँ विद्यार्थियों को नवाचार, आत्मनिर्भरता एवं रोजगारोन्मुखी कौशल से जोड़ने में सहायक सिद्ध होती हैं।कुलपति ने जोर देते हुए कहा कि एआई का सकारात्मक, नैतिक एवं रचनात्मक उपयोग राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। दो दिवसीय कार्यशाला में टीसीएस की ओर से क्षेत्रीय प्रमुख श्री संदीप जोशी एवं तकनीकी विशेषज्ञ अंकित तथा उनकी टीम ने विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण प्रदान किया। विशेषज्ञों ने एआई को लेकर प्रचलित भ्रांतियों को दूर करते हुए बताया कि इसका उपयोग केवल तकनीकी विशेषज्ञ ही नहीं, बल्कि सामान्य नागरिक भी प्रभावी रूप से कर सकते हैं।कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को एआई के माध्यम से एप एवं वेबसाइट निर्माण, डिजिटल नवाचार, तथा दैनिक जीवन में एआई के प्रयोग द्वारा जीवनशैली को अधिक सहज एवं प्रभावी बनाने के तरीकों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण सत्रों में छात्रों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विषय में गहरी रुचि दिखाई। कार्यशाला के सफल संचालन में विश्वविद्यालय की ओर से डॉ. विजेन्द्र कुमार आर्य, सहायक आचार्य, व्याकरण विभाग एवं श्री मोहित मिश्र, सिस्टम एनालिस्ट सहित विश्वविद्यालय की तकनीकी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वहीं टीसीएस की ओर से श्री मयंक सिंह, श्री लक्ष्मण सिंह नेगी, श्री राजेश कुमावत, श्री राजेन्द्र कुमार एवं श्री अमन पाण्डा ने विद्यार्थियों को निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान किया। इस कार्यक्रम में छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष एवं छात्र कल्याण कार्यालय के श्री उपेन्द्र द्विवेदी सहित कार्यालय के समस्त सहयोगी कार्मिकों का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। दो दिवसीय कार्यशाला में कुल 50 विद्यार्थियों ने दो सत्रों में सहभाग कर आधुनिक तकनीकी ज्ञान अर्जित किया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य गैर-तकनीकी पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को एआई के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराते हुए उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाना रहा। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. विजेन्द्र कुमार आर्य ने कार्यशाला की सफलता पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आयोजकों, विशेषज्ञों एवं सहभागी विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ प्रदान कीं।









