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सपा के पीडीए पंचांग को समाजवादी ब्राह्मण नेता का खुला समर्थन, बोले— पार्टी में ब्राह्मणों को सर्वोच्च सम्मान

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वाराणसी। समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता एवं वाराणसी जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष पंडित संजय मिश्रा ने पार्टी द्वारा जारी पीडीए पंचांग का खुला समर्थन करते हुए दावा किया कि ब्राह्मण समाज को जितना सम्मान समाजवादी पार्टी में मिलता है, उतना किसी अन्य राजनीतिक दल में नहीं। उन्होंने कहा कि सपा सर्वहारा और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है, जिसमें ब्राह्मण समाज की भूमिका सदैव सम्मानजनक रही है। पराड़कर भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में पंडित मिश्रा ने स्वयं को समाजवादी ब्राह्मण बताते हुए कहा कि पीडीए पंचांग में पारंपरिक धार्मिक तिथियों को हटाया नहीं गया है, बल्कि देश और समाज के लिए समर्पित महापुरुषों के योगदान को जोड़कर इसे और अधिक समृद्ध किया गया है। उनका कहना था कि इस पंचांग का उद्देश्य नई पीढ़ी को सामाजिक न्याय आंदोलन, समाजवादी चिंतन और राष्ट्रनिर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों के संघर्षों से परिचित कराना है। पंडित मिश्रा ने जोर देकर कहा कि समाजवादी पार्टी ने कभी भी ब्राह्मण समाज के साथ भेदभाव नहीं किया। उन्होंने पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव से लेकर वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तक के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि हर दौर में ब्राह्मण समाज को सम्मान और उचित प्रतिनिधित्व मिला है। पंडित जनेश्वर मिश्र पार्क के निर्माण, संस्कृत शिक्षकों की भर्ती जैसे फैसलों को उन्होंने इसके ठोस उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया। पत्रकार वार्ता के दौरान पंडित मिश्रा ने ब्राह्मण समाज से अपील की कि वे साम्प्रदायिक और विभाजनकारी राजनीति करने वाली ताकतों से सतर्क रहें। उन्होंने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों को विजयी बनाने और अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार गठन का आह्वान किया। इस अवसर पर समाजवादी शिक्षक सभा, युवजन सभा और प्रबुद्ध सभा से जुड़े कई ब्राह्मण नेता उपस्थित रहे। गौरतलब है कि 3 जनवरी 2026 को सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा लखनऊ में पीडीए पंचांग जारी किया गया था। पीडीए का आशय पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग से है। इस पंचांग में पारंपरिक हिंदू पंचांग के साथ-साथ सामाजिक न्याय आंदोलन और समाजवादी चिंतकों से जुड़े महत्वपूर्ण दिवसों को शामिल किया गया है, जिसे लेकर प्रदेश भर में व्यापक चर्चा और राजनीतिक बहस चल रही है।

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