वाराणसी।माघमेला क्षेत्र में परमपूज्य शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज, उनके साथ मौजूद साधु-संतों और श्रद्धालुओं के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने इस घटना को सनातन परंपरा पर सीधा हमला बताते हुए कड़ी निंदा की है।
राघवेंद्र चौबे ने कहा कि शाही स्नान जैसी सदियों पुरानी सनातन परंपरा में प्रशासनिक हस्तक्षेप कर व्यवधान उत्पन्न करना और शंकराचार्य जैसे सर्वोच्च धर्मगुरु के साथ धक्का-मुक्की किया जाना अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय है। यह घटना केवल एक संत विशेष का नहीं, बल्कि पूरे सनातन समाज की आस्था और परंपरा को आहत करने वाली है।
उन्होंने सवाल उठाया कि मौनी अमावस्या का शाही स्नान कोई नया आयोजन नहीं है, फिर भी भाजपा सरकार में ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों सामने आ रही हैं। चौबे ने इसे योगी सरकार के कुशासन, प्रशासनिक अयोग्यता और सत्ता के अहंकार का परिणाम बताया।

महानगर अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार न तो धर्म का सम्मान कर रही है, न परंपराओं का और न ही संत-समाज का। उन्होंने आशंका जताई कि सरकार अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए इस घटना की जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर सकती है।
कांग्रेस ने मांग की है कि उत्तर प्रदेश सरकार इस घटना पर परमपूज्य शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करे। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि सनातन परंपराओं के अपमान को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।









