वाराणसी। महानगर कांग्रेस कमेटी, वाराणसी एवं जिला कांग्रेस कमेटी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर बुधवार को ज्योतिर्मठ पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विरुद्ध दर्ज कथित फर्जी मुकदमे के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया। ज्ञापन में पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय, समयबद्ध और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई है।
इससे पूर्व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शंखनाद करते हुए जिला मुख्यालय तक मार्च निकाला और संत समाज के सम्मान की रक्षा का संकल्प दोहराया। महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि अमावस्या जैसे पावन अवसर पर शंकराचार्य एवं उनके शिष्यों को स्नान से रोके जाने, दुर्व्यवहार तथा बाद में गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज किए जाने की घटनाएं अत्यंत निंदनीय और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रतिकूल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा घटनाक्रम प्रथम दृष्टया योजनाबद्ध प्रतीत होता है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 प्रत्येक नागरिक एवं धार्मिक संप्रदायों को अपने धर्म के पालन और प्रबंधन की स्वतंत्रता प्रदान करते हैं। ऐसे में सनातन परंपरा के सर्वोच्च आध्यात्मिक पद शंकराचार्य की गरिमा के साथ कथित दुर्व्यवहार संवैधानिक भावना के विपरीत है। पार्टी ने आशंका जताई कि संत समाज की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने और उन्हें विवादों में घसीटने का प्रयास किया जा रहा है।

ज्ञापन में मांग की गई है कि पूरे मामले की जांच किसी सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए, साथ ही एफआईआर दर्ज कराने वालों की पृष्ठभूमि की भी निष्पक्ष जांच हो। यदि जांच में षड्यंत्र, दुर्भावना या सत्ता के दुरुपयोग के प्रमाण मिलते हैं तो दोषियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि आरोपों की निष्पक्ष जांच उतनी ही आवश्यक है, ताकि सत्य स्थापित हो और किसी निर्दोष की प्रतिष्ठा पर आंच न आए।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच शीघ्र प्रारंभ नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा और मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाया जाएगा। पार्टी ने दोहराया कि वह संविधान, धार्मिक स्वतंत्रता और संत परंपरा के सम्मान के पक्ष में सदैव खड़ी रही है।
इस अवसर पर फसाहत हुसैन, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, सतनाम सिंह, विनोद सिंह, अशोक सिंह, गिरीश पाण्डेय, वकील अंसारी, मनीष मोरोलिया, ओमप्रकाश ओझा, राजू राम, हसन मेहदी कब्बन, राजेश त्रिपाठी, संतोष चौरसिया, अब्दुल हमीद डोडे, प्रमोद वर्मा, हाजी इस्लाम, नरसिंह दास, संजय चौबे, आशिष केशरी, लक्ष्मी यादव, मनोज चौबे, पुलक त्रिपाठी, विनय जायसवाल, गोपाल पटेल, इमरान समेत सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।









