वाराणसी। विश्व जन चेतना ट्रस्ट के सप्तम वार्षिकोत्सव के दौरान वाराणसी निवासी ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार प्रीत की नवीन काव्य कृति “रचना खुद रचती है कवि को” का विमोचन खजुराहो फार्मेसी कॉलेज, कदारी (छतरपुर, मध्य प्रदेश) में भव्य तरीके से किया गया। इस साहित्यिक समारोह में देशभर से आए वरिष्ठ साहित्यकारों और विशिष्ट अतिथियों ने पुस्तक की व्यापक सराहना की और इसे भविष्य की महत्वपूर्ण काव्य कृति बताया।कार्यक्रम की अध्यक्षता और अतिथिकार्यक्रम की अध्यक्षता खजुराहो फार्मेसी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर बृजेश तिवारी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में पद्मश्री डॉक्टर अवध किशोर जड़िया उपस्थित रहे। कवि संतोष कुमार प्रीत ने पुस्तक विमोचन के अवसर पर बताया कि पुस्तक तब तक जीवित रहती है जब तक वह पाठक को भीतर से नहीं बदल देती, और यह उनकी मन की यात्रा है जो पाठकों के मन तक पहुँचना चाहती है।पुस्तक की विशेषताएं और समारोह का महत्वपुस्तक की काव्य भाषा, आधुनिक अनुभूतियाँ और सामाजिक संवेदनाएँ सभी उपस्थित साहित्यकारों को प्रभावित करने में सफल रहीं। संयोजन प्रदेश अध्यक्ष नितेंद्र सिंह परमार भारत ने किया, जबकि संस्था के संस्थापक दिलीप कुमार पाठक और देशभर के साहित्यकारों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक गरिमा प्रदान की।साहित्य शिखर सम्मानइस समारोह में अन्य प्रांतों से आए कवियों के साथ-साथ वाराणसी के फुर्तिला बनारसी और रामजतन पाल को साहित्य शिखर सम्मान से सम्मानित किया गया। यह आयोजन साहित्य जगत में एक यादगार घटना बन गया।









