वाराणसी। जनपद में लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रातःकाल से ही घना कोहरा छाए रहने के कारण दृश्यता बेहद कम हो जा रही है। इसका सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है, जिन्हें ठंड और कोहरे के बीच रोजाना स्कूल जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सुबह के समय तापमान में भारी गिरावट के चलते बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंच रहे हैं। कई स्थानों पर स्कूल बसों और वैनों की रफ्तार धीमी हो गई है, जिससे बच्चों को देर से स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। सड़कों पर फिसलन और कम दृश्यता के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है, जिससे अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है।
घने कोहरे का असर यातायात व्यवस्था पर भी साफ नजर आ रहा है। हाईवे और प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। रेलवे और सड़क यातायात दोनों प्रभावित हैं। कोहरे के कारण स्कूल समय में बच्चों को बाहर निकलना स्वास्थ्य की दृष्टि से भी जोखिम भरा माना जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में बच्चों को सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि नर्सरी से लेकर प्राथमिक कक्षाओं तक के स्कूलों के समय में बदलाव किया जाए अथवा कुछ दिनों के लिए अवकाश घोषित किया जाए, ताकि बच्चों को ठंड और कोहरे से राहत मिल सके।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। ऐसे में प्रशासन और स्कूल प्रबंधन से अपेक्षा की जा रही है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।









