वाराणसी। रोहनिया थाना क्षेत्र अंतर्गत अवलेशपुर चौरा माता के पीछे स्थित सरकारी भूमि पर वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जे को प्रशासन ने शनिवार को तीसरे प्रयास में चार बुलडोजरों की मदद से हटा दिया। इस कार्रवाई में तीन पीढ़ियों से रह रहे दर्जनों गरीब परिवारों के मकान और मड़इयां ध्वस्त कर दी गईं, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।

प्रशासन के अनुसार लगभग 10 बिस्वा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था। इससे पूर्व दो बार कार्रवाई की गई, लेकिन स्थानीय विरोध और अवरोध के चलते ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। इस बार किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए व्यापक प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था की गई थी।

ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान चार बुलडोजर और जेसीबी मशीनें लगातार कार्यरत रहीं। मौके पर रोहनिया, लोहता, मंडुआडीह और चितईपुर थानों की पुलिस फोर्स, पीएसी बल के साथ तैनात रही। पूरी कार्रवाई एसीपी रोहनिया, अपर नगर आयुक्त संगम लाल गुप्ता, अपर नगर आयुक्त अनिल यादव एवं सहायक नगर आयुक्त की निगरानी में संपन्न हुई। प्रशासन ने कार्रवाई के बाद भूमि को कब्जा मुक्त कर वहां अपना गेट भी लगवाया।


ध्वस्तीकरण के दौरान एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब जेसीबी की चपेट में आने से एक गाय और एक बछड़े की मौत हो गई। साथ ही दो कुएं और एक हैंडपंप भी क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना से स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और कुछ समय के लिए सड़क जाम करने का प्रयास किया गया, हालांकि प्रशासन ने समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया।

कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों में भारी नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि वे वर्षों से यहां निवास कर रहे थे और उनके पास रहने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। पीड़ितों ने प्रशासन से पुनर्वास की मांग उठाई, लेकिन इस संबंध में अब तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के उद्देश्य से की गई है और आगे भी अवैध कब्जों के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा।









