वाराणसी। योग केन्द्र चांदमारी में काशी के वरिष्ठ साहित्यकार बुद्धदेव तिवारी के जन्मदिवस के अवसर पर गुरुवार को भव्य काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति और काव्य की त्रिवेणी प्रवाहित होती रही। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. मंजरी पाण्डेय तथा विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ. ओमप्रकाश धर द्विवेदी, डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह एवं पुस्तकालयाध्यक्ष कंचन सिंह परिहार उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारम्भ माता सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात काव्यगोष्ठी में कवियों ने विविध रसों की रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। काव्यपाठ करने वालों में डॉ. चंद्रभाल सुकुमार, डॉ. मंजरी पाण्डेय, डॉ. महेंद्र तिवारी अलंकार, नागेश शांडिल्य, प्रसन्न बदन चतुर्वेदी, डॉ. शरद श्रीवास्तव, डॉ. जयशंकर, बुद्धदेव तिवारी, कंचन सिंह परिहार, पं. छतीश द्विवेदी ‘कुंठित’, डॉ. ब्रह्मदेव चतुर्वेदी, कंचन लता चतुर्वेदी, रामनरेश पाल, संजय सिंह, नंदलाल राजभर, डॉ. अनिल सिन्हा, डॉ. लियाकत अली ‘जलज’, सुनील सेठ, कुमार महेंद्र, संजय राय ‘साईं’, चंद्रभूषण सिंह, विपिन कुमार, रामकृष्ण मिश्र, दयाशंकर राय सहित अनेक कवि शामिल रहे। सभी ने साहित्यकार बुद्धदेव तिवारी को शुभकामनाएं देते हुए काव्यपाठ से वातावरण को रसमय बना दिया। इसके अतिरिक्त डॉ. ओमप्रकाश धर द्विवेदी, डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, दुलारे लाल श्रीवास्तव, अवधेश दूबे, शशिभूषण दूबे, अशोक दूबे, रमेश दूबे, जे.एन. सिंह, राजीव गौड़ सहित अन्य गणमान्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रागिनी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जबकि समापन डॉ. महेंद्र कुमार राय ने किया। आयोजन में बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे और काशी की साहित्यिक परंपरा को नई ऊर्जा मिली।









