Follow us on

Home » साहित्य » लमही में गूँजी प्रेमचंद की ‘लाग-डाट’, साहित्यिक सरोकारों पर चर्चा

लमही में गूँजी प्रेमचंद की ‘लाग-डाट’, साहित्यिक सरोकारों पर चर्चा

Share this post:

 

वाराणसी। उपन्यास सम्राट प्रेमचंद की जन्मस्थली लमही स्थित स्मारक परिसर में प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र, लमही द्वारा आयोजित ‘सुनो मैं प्रेमचंद’ कार्यक्रम के 1819वें दिवस पर प्रेमचंद की चर्चित कहानी ‘लाग-डाट’ का पाठ एवं विचार गोष्ठी आयोजित की गई। वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवि सिद्धनाथ शर्मा ‘सिद्ध’ ने कहानी का प्रभावपूर्ण पाठ किया।

कार्यक्रम के संरक्षक प्रो. श्रद्धानंद ने कहा कि प्रेमचंद की कहानियाँ केवल घटनाओं का विवरण नहीं, बल्कि समाज के नैतिक द्वंद्व, सत्ता-संरचना और मानवीय कमजोरियों का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने कहा कि ‘लाग-डाट’ दमन, भय, अन्याय और आत्मसम्मान जैसे महत्वपूर्ण प्रश्नों को सशक्त रूप से सामने लाती है।

साहित्यकार डॉ. राम सुधार सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कहानी में निम्नवर्गीय पात्र को सामाजिक हैसियत के कारण अपमान सहना पड़ता है, जिसका उसके आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। यह कथा सामाजिक विषमता और वर्गगत असमानता की मार्मिक अभिव्यक्ति है। इस अवसर पर सिद्धनाथ शर्मा ‘सिद्ध’ को प्रो. श्रद्धानंद, डॉ. राम सुधार सिंह, डॉ. विजेंद्र तिवारी एवं निदेशक राजीव गोंड द्वारा सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में विजय चंद्र तिवारी, आयुष राज, फुलचंद जैसवाल, वाचस्पति चतुर्वेदी, मृत्युंजय मिश्रा, अंजलि रावत, शौरभ वर्मा, सचिन शुक्ल, शंकर श्रीवास्तव, यश वर्मा, उत्कर्ष वर्मा, अभिषेक मौर्य, रतनशीला, सूर्यदीप कुशवाहा, रामजतन पाल, राहुल यादव, रोहित गुप्ता, विपनेश सिंह, संजय श्रीवास्तव और राधेश्याम पासवान सहित अनेक साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मनोज विश्वकर्मा ने किया। स्वागत वाचस्पति चतुर्वेदी ने तथा धन्यवाद ज्ञापन रोहित गुप्ता ने प्रस्तुत किया।

लेखक के बारे में

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

मौसम अपडेट

राशिफल

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x