Follow us on

Home » साहित्य » राजकीय पुस्तकालय में ग़ज़ल संग्रह “देख सको तो देखो” का भव्य लोकार्पण, श्रमिक जीवन और सामाजिक यथार्थ की सशक्त अभिव्यक्ति: वक्ताओं का मत

राजकीय पुस्तकालय में ग़ज़ल संग्रह “देख सको तो देखो” का भव्य लोकार्पण, श्रमिक जीवन और सामाजिक यथार्थ की सशक्त अभिव्यक्ति: वक्ताओं का मत

Share this post:

वाराणसी। अर्दली बाजार स्थित एल.टी. कॉलेज परिसर के राजकीय पुस्तकालय में शनिवार को प्रख्यात ग़ज़लकार शिव कुमार पराग द्वारा रचित ग़ज़ल संग्रह “देख सको तो देखो” का लोकार्पण गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, बीएचयू हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. वशिष्ठ अनूप ने कहा कि यह ग़ज़ल संग्रह देश के बहुसंख्यक मेहनतकश वर्ग के जीवन, संघर्ष और संवेदनाओं से गहराई से जुड़ा है। शिव कुमार पराग की ग़ज़लों में आम आदमी की पीड़ा, संघर्ष और सामाजिक यथार्थ का सशक्त एवं प्रभावी चित्रण देखने को मिलता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे साहित्य भूषण डॉ. जितेंद्र नाथ मिश्र ने कहा कि “देख सको तो देखो” की ग़ज़लें अपने समय का आईना हैं, जिसमें समाज में घट रही हर गतिविधि और बदलाव को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। विशिष्ट वक्ता कौशल किशोर (लखनऊ) ने कहा कि यह ग़ज़ल संग्रह केवल स्थितियों का वर्णन नहीं करता, बल्कि उन कारणों की भी पड़ताल करता है, जो सामाजिक विसंगतियों के लिए जिम्मेदार हैं। वहीं जयप्रकाश धूमकेतु ने कहा कि इन ग़ज़लों के माध्यम से सामाजिक, राजनीतिक एवं सांस्कृतिक हलचलों से उपजे हालात का सूक्ष्म विश्लेषण मिलता है।इस अवसर पर सभी अतिथियों द्वारा “देख सको तो देखो” ग़ज़ल पुस्तक का विधिवत लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित काव्य गोष्ठी में सुरेंद्र बाजपेई, धर्मेंद्र गुप्त ‘साहिल’, केशव शरण, अभिनव अरुण, गिरीश पाण्डेय ‘ओम धीरज’, संतोष कुमार ‘प्रीत’, प्रसन्न बदन चतुर्वेदी, डॉ. अत्रि भारद्वाज, बुद्धि देव तिवारी, कुमार महेंद्र ‘मासूम’, मंजरी पाण्डेय सहित अनेक रचनाकारों ने काव्य पाठ कर श्रोताओं को भावविभोर किया। यूपी कॉलेज के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. गोरख नाथ पाण्डेय, डॉ. रामेश्वर त्रिपाठी, रविंद्र नारायण, प्रकाश उदय, पवन शास्त्री, वासुदेव ओबेरॉय, रामानंद दीक्षित, डॉ. सुभाष श्रीवास्तव, डॉ. श्रद्धानंद, नरेंद्र नाथ मिश्र एवं डॉ. बेनी माधव की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। अतिथियों का स्वागत डॉ. दयानंद ने किया, मंच संचालन डॉ. राम सुधार सिंह ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन पुस्तकालयाध्यक्ष कंचन सिंह परिहार ने प्रस्तुत किया।

लेखक के बारे में

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

मौसम अपडेट

राशिफल

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x