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रक्षा अध्ययन से औद्योगिक शक्ति तक, एनडीसी दल ने बरेका में समझी इंजन निर्माण की बारीकियां

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वाराणसी, 19 मार्च 2026। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में गुरुवार को एक गौरवपूर्ण अवसर पर राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय (एनडीसी), रक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली के 17 सदस्यीय प्रशिक्षु अधिकारियों के दल ने भ्रमण कर भारत की औद्योगिक क्षमता का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। एयर मार्शल मनीष कुमार गुप्ता, कमांडेंट, एनडीसी के नेतृत्व में पहुंचे इस दल के साथ उत्तर प्रदेश के नोडल अधिकारी आनंद कुमार पाण्डेय भी उपस्थित रहे।

भ्रमण का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा एवं सामरिक अध्ययन के अंतर्गत देश की औद्योगिक मजबूती, विशेषकर रेल इंजन निर्माण में तकनीकी उत्कृष्टता, गुणवत्ता मानकों और सुरक्षा उपायों को समझना रहा। बरेका पहुंचने पर जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने दल का स्वागत किया।

इसके उपरांत मुख्य विद्युत इंजीनियर (लोको) अरविंद कुमार जैन के नेतृत्व में अधिकारियों को लोको फ्रेम शॉप, असेम्बली शॉप एवं टेस्ट शॉप का विस्तृत भ्रमण कराया गया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने आधुनिक तकनीकों पर आधारित लोको निर्माण की जटिल प्रक्रियाओं, गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली तथा उच्च स्तरीय सुरक्षा मानकों को नजदीक से देखा।

भ्रमण के बाद प्रशासनिक भवन स्थित कीर्ति कक्ष में महाप्रबंधक आशुतोष पंत की अध्यक्षता में शिष्टाचार बैठक आयोजित की गई। अपने संबोधन में उन्होंने बरेका की उपलब्धियों, तकनीकी प्रगति एवं वैश्विक पहचान पर प्रकाश डाला। मुख्य विद्युत इंजीनियर (लोको) द्वारा पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से बरेका की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की विकास यात्रा और उत्पादन क्षमता की जानकारी साझा की गई।

संवाद सत्र में प्रशिक्षु अधिकारियों ने विभिन्न तकनीकी व प्रबंधन संबंधी प्रश्न पूछे, जिनका महाप्रबंधक आशुतोष पंत एवं प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर एस.के. श्रीवास्तव ने विस्तार से उत्तर दिया। प्रतिनिधिमंडल ने बरेका की कार्यप्रणाली, तकनीकी दक्षता और उच्च गुणवत्ता मानकों की सराहना करते हुए इस भ्रमण को अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी बताया।

विशेष उल्लेखनीय है कि इस दल में भारतीय सशस्त्र बलों के वरिष्ठ ब्रिगेडियर स्तर के अधिकारियों के साथ सिविल सेवाओं के अधिकारी एवं श्रीलंका, मंगोलिया, मालदीव, अर्मेनिया एवं ब्राजील के सैन्य अधिकारी भी शामिल थे। इस प्रकार यह भ्रमण न केवल औद्योगिक अध्ययन बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग और अनुभव साझा करने का भी एक महत्वपूर्ण मंच बना।

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