प्रयागराज। माघ मेले से घर लौट रहे एक युवक की देर रात हुए दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। घने कोहरे और कथित प्रशासनिक लापरवाही के चलते हुए इस हादसे ने मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, पुरानी झूंसी कोहना निवासी गौरव पाण्डेय (20 वर्ष), पुत्र स्वर्गीय प्रदीप पाण्डेय, मंगलवार रात करीब 10:30 बजे माघ मेले में काल्पवासियों के लिए टेंट लगाने का कार्य समाप्त कर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान घने कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम थी। बताया जा रहा है कि पीडब्ल्यूडी द्वारा पीपा पुल के ठीक बगल में खोदा गया करीब आठ फीट गहरा, पानी से भरा गड्ढा हादसे का कारण बना। बाइक अनियंत्रित होकर सीधे गड्ढे में जा गिरी, जिससे गौरव की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। गौरव के पिता का निधन महज एक माह पूर्व ही हुआ था, जिससे परिवार पहले से शोकाकुल था। अब इकलौते सहारे की असमय मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों ने पुलिस को लिखित सूचना देकर पोस्टमार्टम कराने से इनकार किया और बुधवार को ही अंतिम संस्कार कर दिया।ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि माघ मेले जैसे विशाल आयोजन में, जहां दिन-रात हजारों श्रद्धालु और कर्मी आवाजाही करते हैं, वहां पीपा पुल के पास इस तरह का गहरा और पानी से भरा गड्ढा खुला छोड़ना घोर लापरवाही है। न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे, न बैरिकेडिंग और न ही समुचित प्रकाश व्यवस्था।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि गड्ढे को शीघ्र नहीं पाटा गया और सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए, तो भविष्य में और भी जानलेवा हादसे हो सकते हैं। उन्होंने जिला व मेला प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। यह घटना न केवल एक परिवार की अपूरणीय क्षति है, बल्कि माघ मेले की तैयारियों और सुरक्षा प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।









