प्रयागराज। माघ मेला 2026 के शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर प्रयागराज पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रविवार, दिनांक 04 जनवरी 2026 को पुलिस आयुक्त प्रयागराज एवं अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) ने माघ मेला कंट्रोल रूम से आरटी सेट के माध्यम से यातायात पुलिस, जल पुलिस, नागरिक पुलिस, पीएसी एवं रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) में तैनात समस्त पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस आयुक्त ने पौष पूर्णिमा के प्रथम स्नान पर्व के सकुशल एवं शांतिपूर्ण आयोजन पर माघ मेला ड्यूटी में तैनात सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को बधाई देते हुए उनके सेवा-भाव, समर्पण और अनुशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस बल ने कठिन परिस्थितियों में भी पूरी निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है। साथ ही आगामी स्नान पर्वों के दौरान भी इसी सतर्कता, संयम और प्रतिबद्धता के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि माघ मेला क्षेत्र में तैनात समस्त पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं एवं तीर्थयात्रियों के साथ विनम्र, सहयोगात्मक और संवेदनशील व्यवहार करें। माघ मेला आस्था, परंपरा और विश्वास का प्रतीक है, ऐसे में पुलिस की भूमिका केवल सुरक्षा तक सीमित न रहकर सेवा और सहयोग की भावना से परिपूर्ण होनी चाहिए। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मेला क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की निरंतर सघन चेकिंग के निर्देश दिए गए। पुलिस आयुक्त ने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से चोरी, ठगी एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए। जल पुलिस को विशेष दिशा-निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि स्नान घाटों पर लाउडहेलर के माध्यम से सतर्कता संदेश प्रसारित करते हुए लगातार गश्त एवं निगरानी की जाए। जल क्षेत्र में किसी भी प्रकार की दुर्घटना या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए जल पुलिस को पूरी तत्परता से कार्य करने को कहा गया। श्रद्धालुओं के सुगम, सुरक्षित और निर्बाध आवागमन को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल को निरंतर भ्रमणशील रहने तथा यातायात मार्गों पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए। पुलिस आयुक्त ने कहा कि मेला क्षेत्र के मार्ग हर हाल में खुले और सुचारू रखे जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मेला क्षेत्र में तैनात पीएसी एवं आरएएफ बल को अपने-अपने निर्धारित ड्यूटी प्वाइंट पर पूरी सतर्कता के साथ तैनात रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित प्रतिक्रिया देने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी बलों को अलर्ट मोड में रखा गया है।पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए। पुलिस आयुक्त ने कहा कि माघ मेला में आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को प्राथमिकता के आधार पर मेला क्षेत्र के निकटतम पार्किंग स्थलों में पार्क कराया जाए, इसके पश्चात दूरी के क्रम में अन्य पार्किंग स्थलों का उपयोग सुनिश्चित किया जाए, जिससे यातायात व्यवस्था बाधित न हो। इसके साथ ही माघ मेला कंट्रोल रूम में तैनात पुलिस कर्मियों को विभिन्न स्थानों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की सतत निगरानी करने तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु अथवा परिस्थिति के दिखाई देने पर तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचित करने के निर्देश दिए गए। पुलिस प्रशासन ने दोहराया कि माघ मेला 2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। आगामी स्नान पर्वों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा, ताकि माघ मेला पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सफलतापूर्वक सम्पन्न हो सके।









