वाराणसी, 12 मार्च। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर गोमती ज़ोन के थाना बड़ागांव क्षेत्र में आयोजित महिला आत्मसम्मान सम्मेलन में महिला सुरक्षा, आत्मसम्मान और सशक्तिकरण का सशक्त संदेश गूंजा। सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर अपने अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा की। कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस दौरान पुलिस आयुक्त ने महिलाओं से संवाद करते हुए “चुप्पी तोड़ो, खुलकर बोलो” का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध अपराध के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नरमी की कोई गुंजाइश नहीं है और पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति के कारण पिछले वर्षों में महिला अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से महिला अपराधों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप बलात्कार के मामलों में 74 प्रतिशत, छेड़खानी में 55 प्रतिशत, महिला हत्या में 60 प्रतिशत तथा पॉक्सो के मामलों में 52 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है। कुल मिलाकर महिला अपराधों में 60 से 74 प्रतिशत तक गिरावट आई है।

पुलिस आयुक्त ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए स्कूल, कोचिंग सेंटर, हॉस्टल और जिम में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। साथ ही प्रत्येक थाने में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किया गया है, जहां केवल महिला पुलिसकर्मी तैनात हैं, ताकि महिलाएं बिना झिझक अपनी समस्याएं साझा कर सकें।
उन्होंने बताया कि मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत स्कूल-कॉलेजों और ग्राम पंचायतों में अब तक 5785 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से 5 लाख 60 हजार से अधिक महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, कानूनों, हेल्पलाइन नंबरों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई है।
सम्मेलन के दौरान महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए और कहा कि वर्तमान समय में पुलिस के प्रति उनका विश्वास बढ़ा है तथा वे पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और आत्मविश्वास से भरा महसूस करती हैं। कई महिलाओं ने बताया कि आज वे स्वतंत्र रूप से घर से बाहर निकलकर रोजगार, व्यवसाय और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले पा रही हैं। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में छोटे-छोटे उद्यमों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनी पांच महिलाओं—डिम्पल (मशरूम उत्पादन), बबिता (सब्जी व्यवसाय), शांति (संकुल लेखापाल), अर्चना (पोल्ट्री फार्मिंग) और अनीता (आदर्श सीएलएफ अध्यक्ष)—को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर बताया गया कि वर्ष 2025 में रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के तहत महिलाओं को 5 करोड़ 53 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। वहीं ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत महिला अपराधों में प्रभावी पैरवी के कारण सजा दर में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2020-21 में जहां 69 मामलों में 86 अभियुक्तों को सजा हुई थी, वहीं वर्ष 2024 से मार्च 2026 तक 118 मामलों में 166 अपराधियों को न्यायालय द्वारा सजा सुनाई जा चुकी है। सम्मेलन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ही समाज की वास्तविक प्रगति का आधार है और वाराणसी पुलिस इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में डीसीपी गोमती आकाश पटेल, एडीसीपी गोमती नृपेन्द्र, एडीसीपी महिला अपराध नम्रिता श्रीवास्तव सहित गोमती ज़ोन के सभी थानाध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।









