वाराणसी, 09 फरवरी 2026। महाशिवरात्रि पर्व–2026 के मद्देनजर श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। सोमवार को अपर पुलिस आयुक्त, कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय, कमिश्नरेट वाराणसी तथा जिलाधिकारी वाराणसी श्री सत्येन्द्र कुमार ने संयुक्त रूप से मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी घाट और संबंधित मार्गों का विस्तृत निरीक्षण कर सुरक्षा, यातायात, भीड़ प्रबंधन एवं आपात व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान मंदिर परिसर, दर्शन पथ, प्रवेश-निकास मार्ग, बैरिकेडिंग, घाट क्षेत्र, पार्किंग स्थल, यातायात डायवर्जन, प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, कंट्रोल रूम, जल पुलिस की तैनाती, नाव संचालन, चिकित्सा एवं अग्निशमन व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया गया।
अपर पुलिस आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं सख्त निर्देश देते हुए कहा कि महाशिवरात्रि के दौरान मंदिर एवं घाट क्षेत्र को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए पर्याप्त पुलिस बल, पीएसी एवं महिला पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। सभी ड्यूटी पॉइंट्स पर अधिकारी स्वयं मौजूद रहेंगे और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संदिग्ध व्यक्तियों एवं अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखते हुए तत्काल विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

भीड़ प्रबंधन के तहत मंदिर परिसर में वन-वे दर्शन प्रणाली को सख्ती से लागू करने, बैरिकेडिंग को वैज्ञानिक ढंग से स्थापित करने तथा बुजुर्ग, दिव्यांग एवं महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग सुविधा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पर्व अवधि में पूर्व निर्धारित डायवर्जन योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने, अवैध पार्किंग एवं अतिक्रमण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा पार्किंग स्थलों का स्पष्ट चिन्हांकन कर आमजन को पूर्व सूचना देने को कहा गया।
कैथी घाट पर जल पुलिस, गोताखोर, रेस्क्यू बोट और लाइफ जैकेट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ नाव संचालन को नियंत्रित रखने के निर्देश दिए गए। क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। घाट क्षेत्र में निरंतर पेट्रोलिंग भी की जाएगी। मंदिर और घाट क्षेत्र में सीसीटीवी व ड्रोन कैमरों से चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। सभी कैमरे और कंट्रोल रूम पर्व से पूर्व पूर्णतः क्रियाशील रखने के निर्देश दिए गए है।
स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन, विद्युत विभाग और नगर निगम के साथ समन्वय स्थापित कर एम्बुलेंस, फायर टेंडर, प्राथमिक चिकित्सा, प्रकाश और स्वच्छता की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) तत्काल सक्रिय रहेगा।
निरीक्षण के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, मंदिर पुजारियों एवं प्रबंधन समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर दर्शन व्यवस्था, पूजन प्रक्रिया, भीड़ नियंत्रण, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और आपात सूचना प्रणाली पर विस्तृत चर्चा की। प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए उन्हें जनहित में लागू करने का आश्वासन दिया गया।
अपर पुलिस आयुक्त ने कहा कि महाशिवरात्रि पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं मर्यादित वातावरण में संपन्न कराना प्रशासन, मंदिर प्रबंधन और आमजन की साझा जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी ने भी सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समय से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन श्री प्रमोद कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट श्री नितिन सिंह, सहायक पुलिस आयुक्त सारनाथ विदूष सक्सेना सहित प्रशासन, पुलिस एवं एनडीआरएफ के अधिकारी उपस्थित रहे।









