प्रयागराज। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर 3 जनवरी से अनवरत चल रहे 43 दिवसीय शिवशक्ति महायज्ञ का आज पूर्णाहुति के साथ विधिवत समापन हो गया। अखिल भारतीय वनिता आश्रम द्वारा आयोजित यह धार्मिक अनुष्ठान उत्तरी पटरी काली सड़क, सेक्टर नंबर 5, माघ मेला क्षेत्र में संपन्न हुआ, जहां अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण भक्ति एवं आस्था से सराबोर हो उठा।
समापन दिवस प्रातः काल से ही वैदिक आचार्यों द्वारा रुद्राभिषेक, विशेष पूजन एवं हवन अनुष्ठान प्रारंभ किया गया। वेद मंत्रों के गूंजते स्वर और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया। पूर्णाहुति के समय साधु-संतों एवं श्रद्धालुओं ने एक साथ आहुति देकर विश्व शांति, समाज में सद्भावना तथा राष्ट्र की उन्नति की कामना की।
शिविर व्यवस्थापक ऋषि स्वरूप महाराज ने बताया कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज शिवशक्ति महायज्ञ का विशेष आयोजन किया गया, तत्पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि यह धार्मिक कार्यक्रम पिछले 40 वर्षों से अनवरत रूप से आयोजित किया जा रहा है और प्रत्येक वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर इसका विशेष महत्व रहता है।

महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव एवं माता शक्ति का भव्य श्रृंगार किया गया। आकर्षक सजावट एवं दीपों की रोशनी से सुसज्जित परिसर में दर्शन-पूजन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। समापन के उपरांत आयोजित भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। सेवकों एवं स्वयंसेवकों ने पूरे कार्यक्रम की व्यवस्था अनुशासित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संभाली।









