महाराष्ट्र के लातूर से शुक्रवार सुबह एक बड़ी दुखद सूचना सामने आई। कांग्रेस के दिग्गज नेता, पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री और देश की राजनीति में प्रतिष्ठित स्थान रखने वाले शिवराज पाटिल का निधन हो गया। वे लगभग 90–91 वर्ष के थे और लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। शुक्रवार सुबह लगभग 6:30 बजे उन्होंने अपने लातूर स्थित आवास पर अंतिम सांस ली। शिवराज पाटिल भारतीय राजनीति के उन चुनिंदा नेताओं में थे जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय तक विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी प्रभावी उपस्थिति बनाए रखी।वे केंद्रीय गृह मंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, पंजाब के राज्यपाल, चंडीगढ़ के प्रशासक जैसे अहम पदों पर कार्यरत रहे। उनकी सादगी, शांत स्वभाव और संवैधानिक पदों पर गरिमामय भूमिका हमेशा याद की जाएगी। पाटिल ने लातूर लोकसभा सीट से कई बार जीत दर्ज कर अपने राजनीतिक कौशल का लोहा मनवाया। कांग्रेस संगठन में भी वे हमेशा एक मार्गदर्शक की भूमिका में रहे। परिवार में वे अपने पुत्र शैलेश पाटिल, पुत्रवधू और दो पोतियों को पीछे छोड़ गए। कांग्रेस पार्टी और देश की राजनीति के लिए यह एक अपूरणीय क्षति मानी जा रही है। नेताओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि शिवराज पाटिल ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी









